उड़ान मंच ने राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से सराबोर किया स्वतंत्रता दिवस सप्ताह।

उड़ान मंच ने राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से सराबोर किया स्वतंत्रता दिवस सप्ताह।
साहित्य, सृजन और सामाजिक सरोकारों को समर्पित “उन्मुक्त उड़ान मंच—आपका अपना साहित्यिक मंच” ने मंच की संस्थापिका एवं अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ के मार्गदर्शन में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 10 से 15 अगस्त तक स्वाधीनता दिवस सप्ताह का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया। पूरे सप्ताह मंच का पटल देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावनाओं से ओत-प्रोत रहा।
स्वाधीनता सप्ताह का शुभारंभ 10 अगस्त, सोमवार को “स्वतंत्रता” विषय पर दोहा विधा में वीडियो प्रस्तुति से हुआ। आयोजन प्रभारी रेखा पुरोहित ‘तरंगिणी’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 14 रचनाकारों ने सहभागिता की, जिनमें 11 ने वीडियो तथा 3 रचनाकारों ने लिखित रूप में अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। रचनाकारों ने अपने स्वरचित दोहों के माध्यम से स्वतंत्रता, मातृभूमि और राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले वीरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
11 अगस्त, मंगलवार को “वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वतंत्रता का दुरुपयोग” विषय पर छंदमुक्त कविता का आयोजन किया गया। आयोजन प्रभारी विशेष शर्मा ‘सुहासिनी’ के प्रवर्तन में 34 रचनाकारों ने सहभागिता की। रचनाकारों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, उसके दुरुपयोग तथा निरंकुश स्वतंत्रता के दूरगामी प्रभावों को अपनी रचनात्मक दृष्टि से प्रस्तुत किया।
स्वतंत्रता दिवस के तृतीय आयोजन में 12 अगस्त, बुधवार को “स्वतंत्रता की कहानी—हमारी ज़ुबानी” विषय पर आलेख विधा में आयोजन हुआ। आयोजन प्रभारी डॉ. अनीता राजपाल ‘वसुंधरा’ के प्रवर्तन में 34 रचनाकारों ने सहभागिता करते हुए स्वतंत्रता संग्राम को अपने दृष्टिकोण से देखा और उसके विविध पक्षों को शब्दों में अभिव्यक्त किया।
13 अगस्त, बृहस्पतिवार को प्रदत्त चित्र के माध्यम से स्वतंत्रता की भावनाओं की अभिव्यक्ति का अनूठा आयोजन किया गया। स्वैच्छिक विधा में आयोजित इस कार्यक्रम की आयोजन प्रभारी डॉ. फूलचंद्र विश्वकर्मा ‘भास्कर’ रहे। इस आयोजन में 55 रचनाकारों ने अपनी कल्पनाशक्ति को शब्दों का आकार देते हुए सहभागिता की।
14 अगस्त, शुक्रवार को “स्वतंत्रता के 10 पर्यायवाची शब्दों का समायोजन” विषय पर छंदमुक्त कविता में रचनात्मक शब्द-सृजन कराया गया। आयोजन प्रभारी अशोक दोशी ‘दिवाकर’ के प्रवर्तन में 37 रचनाकारों ने स्वतंत्रता, स्वाधीनता, स्वायत्तता, मुक्ति, रिहाई आदि पर्यायवाची शब्दों को अपनी कविताओं में सुंदरता से पिरोया।
स्वाधीनता सप्ताह का समापन 15 अगस्त, शनिवार को “मुक्त गगन” विषय पर मनहरण घनाक्षरी की वीडियो प्रस्तुति से हुआ। आयोजन प्रभारी सुमन किमोठी ‘वसुधा’ के मार्गदर्शन में 21 रचनाकारों ने मनोहारी लय और ओजपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ स्वतंत्रता दिवस के मूल भावों को अपनी घनाक्षरियों में स्वर दिया।
पूरे स्वतंत्रता दिवस सप्ताह ने मंच को केवल राष्ट्रप्रेम से ही नहीं भरा, बल्कि तिरंगे के तीनों रंगों में समाहित बलिदान, शांति, समृद्धि, सम्मान और कृतज्ञता की भावनाओं का अनुपम साहित्यिक चित्रण भी किया। विभिन्न विधाओं में प्रस्तुत रचनाओं ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और कर्तव्यबोध का भी नाम है।
इस अवसर पर मंच की संस्थापिका एवं अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ ने सभी रचनाकारों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सक्रिय सहभागिता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की चेतना को दिशा देने का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशप्रेम एवं राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।
इस आयोजन में आभा सिंह, नृपेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ‘सागर’, सुमन किमोठी ‘वसुधा’, अनु तोमर ‘अग्रजा’, सुरेशचन्द्र जोशी ‘सहयोगी’, नीतू गर्ग ‘कमलिनी’, सुरेन्द्र कुमार बिंदल, अनु भाटिया ‘हंसिनी’, प्रजापति श्योनाथ सिंह ‘शिव’, सुमन वर्मा, वीना टंडन ‘पुष्करा’, संगीता चमोली ‘इंदुजा’, अरुण ठाकर ‘कवित्त’, पूनम सिंह ‘सारंगी’, अशोक दोशी ‘दिवाकर’, भागवत मिश्रा, लीला तिवानी, स्वर्णलता सोन ‘कोकिला’, संजीव कुमार भटनागर ‘सजग’, अनिल जैन, विशेष शर्मा ‘सुहासिनी’, फूलचंद्र विश्वकर्मा ‘भास्कर’, सुरेश सरदाना ‘सरस’, परमा दत्त झा, डॉ. एन.एल. शर्मा ‘निर्भय’, रेखा पुरोहित ‘तरंगिणी’, किरण भाटिया ‘नलिनी’, निशा कौल शर्मा ‘चंद्रिका’, डॉ. अनीता राजपाल ‘वसुंधरा’, वीरेंद्र जैन ‘माहिर’, अंजू श्रीवास्तव, एकता गुप्ता काव्या ‘महक’, संगीता वर्मा, निकुंज शरद जानी, नीरू बंसल, रेखा रावत, सविता मेहरोत्रा ‘सुगंधा’, रंजना बिनानी ‘स्वरागिनी’, कुसुम लता ‘तरुषी’, उषा करवा, दलजीत ग्रेवाल, मंजुला सिन्हा, राघव सचिन, कंचन मनि, मीरा कनौजिया, अमिता गुप्ता ‘नव्या सुरभि’, प्रवीणा सिंह राणा, अमर प्रीत बुधिराजा, अंजनी कुमार चतुर्वेदी, शिमला पाण्डेय, चुन्नु साहा, अशोक पटसारिया ‘नादान’, देवेश्वरी खंडूरी, इंदु भार्गव, ममता दूबे, प्रेम सिंह काव्या, मनोरंजन, मनोज मंजुल, छगन लाल मुथा, पालजी भाई राठोड ‘प्रेम’, अतुल पाठक, सुरेश गौरव, ताहिर हुसैन, ज्योतिर्विद पं. कुलकांत मिश्र, डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ सहित अनेक कलमकारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मंच के सुरेशचन्द्र जोशी ‘सहयोगी’, रेखा पुरोहित ‘तरंगिणी’, संजीव कुमार भटनागर ‘सजग’, अशोक दोशी ‘दिवाकर’ और सुमन किमोठी ‘वसुधा’ ने विभिन्न चरणों में सृजनकारों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया। वहीं नीरजा शर्मा ‘अवनि’ और नीतू रवि गर्ग ‘कमलिनी’ ने सहभागिता पोस्टर एवं सम्मान-पत्र तैयार कर आयोजन को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
उन्मुक्त उड़ान मंच का यह स्वाधीनता सप्ताह साहित्य के माध्यम से राष्ट्रप्रेम को जन-जन तक पहुँचाने, स्वतंत्रता के मूल्य को समझने और अपने राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक होने की दिशा में एक सार्थक एवं स्मरणीय पहल सिद्ध हुआ।



