
श्रीअरविन्द सोसायटी केन्द्र, गया
श्रीमां 24अप्रैल 1920 को पूर्ण रूप से निवास करने के लिए श्रीअरविन्द के पास पुडुचेरी आयी थीं। 24 अप्रैल 1939 से यह दिन दर्शन दिवस के रूप में मनाने के लिए श्री अरविन्द ने निर्णय दिया था।श्रीमां और श्रीअरविन्द दोनों एक साथ बैठकर साधकों और भक्तों को चार दिवसों पर दर्शन दिया करते थे। अन्य तीन दिवस – श्रीमां का जन्मदिन 21 फरवरी,श्रीअरविन्द का जन्मदिन 15 अगस्त, सिद्धि दिवस 24 नवम्बर हैं।
आज गया केन्द्र में प्रातः 8.00 बजे से 8.30 के मध्य श्रीमां श्रीअरविन्द के चित्रों पर पुष्पार्पण कर , धूप जलाकर पूजा अर्चना किया गया। मातृ ध्वजारोहण श्री विनय कुमार सिन्हा, सचिव गया केन्द्र के द्वारा किया गया। प्रार्थना और ध्यान, सावित्री पुस्तक का पाठ किया गया।
संध्या 6.00 बजे से 7.30 बजे तक इस अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें साधक भक्तों ने श्रीमां और श्रीअरविन्द के चित्रों पर पुष्प समर्पण किया।साथ ही साथ आश्रम निर्मित अगरबत्ती जलाकर आत्मनिवेदन किया।
श्री बिभुति भूषण जी ने प्रार्थना और ध्यान पुस्तक से एक प्रार्थना पढ़ी।श्री विनय कुमार सिन्हा ने 24 अप्रैल 1920 के दिन श्रीमां के पुडुचेरी में पूर्ण आगमन के विषय पर जानकारियों को साझा किया।श्रीमां श्रीअरविन्द के अतिमानसिक योग में उनकी सहयोगी रही हैं। श्रीमां के पुडुचेरी में पूर्ण आगमन से और श्रीअरविन्द आश्रम का सम्पूर्ण कार्यभार संभालने से श्रीअरविन्द अपना पूरा समय अतिमानसिक योग की सिद्धि में लगा पाये और सम्पूर्ण योग के पूर्णत्व में तेजी आई।
श्रीमां के आर्गन संगीत के साथ ध्यान किया गया।
श्रीमां के प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
इस अवसर पर उपस्थित होने वाले सदस्यों में श्री प्रदीप कुमार, अध्यक्ष, श्री विनय कुमार सिन्हा, सचिव,प्रौफेसर डॉ अरूण कुमार प्रसाद,श्री विष्णु देव प्रसाद भलोटिया,श्री हिमांशु किशोर सिन्हा,डा.शसांक शेखर झा,श्री दिनेश कुमार सिन्हा,श्री सुनील कुमार सिन्हा,श्री बिभुति भुषण, डा.हरेन्द्र कुमार सिन्हा,श्री मुकेश कुमार श्रीवास्तव,श्री श्री जयदीप मित्रा,श्रीमती गीता सिन्हा आदि प्रमुख रहे।
मातृ चरणों में समर्पित
विनय कुमार सिन्हा, सचिव
श्रीआरविन्द सोसायटी केन्द्र गया
दिनांक :24/04/2025





