खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़े विवरण और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठक में विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत बिहार में राज्य खाद्य एवं वैज्ञानिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) रमेंद्र कुमार ने की, जिसमें धान अधिप्राप्ति की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और सामान्य चावल को अंतिम स्तर के चावल में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। पीएसीएस स्तर पर अभ्यर्थियों के अधिग्रहण के दौरान आने वाली व्यवहारिक परीक्षाओं के साथ-साथ लॉजिस्टिक और एसोसिएशन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं का भी आकलन किया गया।
मंत्री लेशी सिंह ने पीएसीएस द्वारा गठित टीमों को नामांकित अधिकारियों के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की आवश्यकता बताई है। बैठक में पैक्स की दो प्रमुख सीमाएं- रईस मिलों की वास्तविक क्षमता की जांच और पेंशन भुगतानों के त्वरित क्रियान्वयन के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पैक्स को किसी भी प्रकार की देरी से भुगतान नहीं किया गया है और सभी कमरों का भुगतान निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के दौरान पैक्स की एक और महत्वपूर्ण मांग पर भी विचार किया गया, जिसमें उन्होंने दो महीने की अवधि के स्थान पर अधिप्राप्ति से संबंधित कुल छह महीने की रुचि-मुक्त अवधि की सुविधा की मांग की। इस पर मंत्री ने पैक्स को सुझाव दिया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय शीघ्र करे, जिससे पैक्स इकाइयों पर आर्थिक दबाव कम हो सके।
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बैठक में यह सहमति बनी कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पुष्टिकरण और पैक्स और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए जल्द ही राज्यभर के सभी जिला सहकारी समितियों के अध्यक्षों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और खण्ड विभाग के इंजीनियरों ने कंसोएट स्टूडियो और पीएसीएस के लिए नियुक्तियां कीं, जिनकी अधिप्राप्ति से संबंधित सभी विवरणों के समाधान के लिए विभाग की आवश्यकता है।
अंत में मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, पीएसीएस की सड़कों और अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान अध्याप्ति और समय सीमा अपूर्ण से हो और सभी संबंधित लक्ष्यों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। बैठक में खाद्य एवं खाद्य एवं खाद्य संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सचिव नैय्यर पाठक, खाद्य एवं खाद्य एवं खाद्य संरक्षण विभाग के सचिव डॉ. सिद्धार्थ सिंह, खाद्य एवं खाद्य एवं खाद्य संरक्षण निगम लिमिटेड के दोनों वरिष्ठ अधिकारी, बिहार राज्य खाद्य एवं खाद्य आपूर्ति निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी और पैक्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।