फैजाबाद जिले के काशीचक थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में नाबालिग सन्नी की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, काशीचक विध्वंस के बाद अक्षय कुमार गुप्ता सहित चार सहयोगियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग पर आरोप था कि वह बिहार पुलिस के एक कांस्टेबल की बहन को भगाया था।
अपराधी के कुछ घंटे बाद थाने में मौत हो गई
रविवार शाम पुलिस प्रेम-प्रसंग से जुड़े मामले में सन्नी को गिरफ्तार कर थाने ले आई थी। गुरुवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार परिसर में मिला। पुलिस का कहना था कि किशोर ने फांसी की सजा आत्महत्या की है, जबकि किशोर ने इसे हत्या की आशंका बताई है। मृतक सन्नी के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने ही उसकी हत्या कर दी। बढ़ते विवाद के बीच एसपी ने शुक्रवार को SHO समेत चार साथियों को सस्पेंड कर दिया। सस्पेंड असिस्टेंट में ये हैं शामिल-
- अक्षय कुमार गुप्ता (एसएचओ, काशीचक)
- लवेश्वर कुमार धान
- कपिलदेव साप (चौकीदार)
- वहीं, विदेशी युवक हरेराम कुमार को छह महीने के लिए ऋण से छूट दी गई है।
पुलिस कस्टडी में मौत के बाद तोड़फोड़
गुरुवार की सुबह मौत की खबर फैलती ही चली गई। लोगों ने सन्नी का शव सड़क पर छह घंटे तक जाम लगाया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस की दो गाड़ियों के टायरों की हवा निकाल दी।
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3 साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
सन्नी असाहित्य जिले के बाउरी गांव का रहने वाला था। उनके गांव की ही प्रीति कुमारी से तीन साल तक प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों एक हफ्ते पहले घर से भाग भी गए थे। लड़की का भाई बिहार पुलिस में सिपाही है। उसी की शिकायत पर रविवार शाम करीब 7 बजे पुलिस ने सन्नी को गिरफ्तार कर लिया।
मृतक की बहन पर लगा गंभीर आरोप
सन्नी की बहन ने आरोप लगाया, “पुलिस बुधवार शाम उसे घर से ले गई। सुबह पता चला कि उसकी मौत हो गई। अस्पताल में जब शव देखा तो गले पर कंधे की हड्डी मिले निशान। थाने में ही गला दबाकर हत्या की गई। पुलिस और लड़की के परिवार ने मिलकर यह किया है।”
सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी
पुस्करावां साकीर राकेश कुमार भास्कर ने बताया कि परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है। नाबालिग के प्रेम-प्रसंग से जुड़े मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था और उसे इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था।