वेदों की ओर लौटने का आह्वान औरंगाबाद में विश्व शांति एवं वैदिक चिकित्सा महायज्ञ

औरंगाबाद में विश्व शांति एवं वैदिक चिकित्सा महायज्ञ
बिहार के औरंगाबाद जिले के परिवर्तन नगर गोह में 6 में से 16 में 2026 तक सनातन वैदिक चिकित्सा विश्व शांति महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है इस महायज्ञ को लेकर के उसे प्रचारित करने के लिए आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई साथ ही पत्रकारों को देसी भोजन एवं स्वदेशी महत्व की जानकारी इस महायज्ञ में होने वाले तैयारी को लेकर के दी गई और यह महायज्ञ और यज्ञों से क्यों खास है जी ने विस्तार से समझाया इस महायज्ञ का उद्देश्य पर्यावरण शुद्ध और शरीर शुद्धि तथा समाज को भारतीय वैदिक परंपरा की ओर पुणे प्रेरित करना है महायज्ञ का प्रमुख संदेश न जाति न मजहब न संप्रदाय केवल सनातन समाज में एकता समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास है इस दौरान यज्ञ आचार्य मुरली धाम पांडे जी द्वारा राम कथा एवं वैदिक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं में भक्ति एवं संस्कार का संचार किया जाएगा साथ ही वेदाचार्य पंडित राजेश तिवारी द्वारा वैदिक चिकित्सा योगी प्राणायाम एवं प्राकृतिक उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा कार्यक्रम के अंतर्गत पंचगव्य प्रशिक्षण नदी एवं अग्नि परिक्रमा प्राकृतिक चिकित्सा शिविर योग प्राणायाम सत्र तथा ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद और अथर्ववेद का विस्तृत ज्ञान प्रदान किया जाएगा इसके अतिरिक्त को आधारित उत्पादों जैसे धूपबत्ती मंजन खाद दिया एवं औषधि निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा जिसमें प्रशिक्षित बहाने की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी इस महायज्ञ में प्राकृतिक चिकित्सा शिविर के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों के लिए यज्ञ योग ध्यान और पंचकर्म द्वारा उपचार की व्यवस्था की गई है कार्यक्रम का आयोजन ऋषि संस्कार गुरुकुलम द्वारा किया जा रहा है 16 में 2026 को महा भंडारा और विदाई समारोह के साथ यह महा यज्ञ संपन्न होगा यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक जागरण का संदेश है बल्कि एक संस्कारी स्वस्थ एवं समृद्ध भारत का निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है



