नीलकंठ महादेव सेवा समिति औरंगाबाद शिविर में एक माह कांवरियों की सेवा कर अपने घर लौटे सेवादार

नीलकंठ महादेव सेवा समिति औरंगाबाद ने सावन भर लगाया निःशुल्क सेवा शिविर, लाखों श्रद्धालुओं को मिली राहत।
औरंगाबाद। सावन माह में पूरे एक माह तक लाखों कांवरियों और शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा करने के बाद नीलकंठ महादेव सेवा समिति, औरंगाबाद के सेवादार अब अपने घरों को लौट गए हैं। सावन माह के दौरान समिति द्वारा लगाए गए निःशुल्क सेवा शिविर में दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा की गई। सेवा कार्य पूरा होने के बाद सेवादारों की टीम ने संतोष और भावुकता के साथ शिविर को समेटा।
सावन के पूरे महीने शिविर में दिन-रात सेवादार सक्रिय रहे। कांवरियों की बढ़ती भीड़ के बीच समिति के सदस्यों ने उनकी जरूरतों का ख्याल रखा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेवादार लगातार तत्पर नजर आए। कई सेवादारों ने एक माह तक अपने घर-परिवार और निजी कार्यों से दूर रहकर सेवा को प्राथमिकता दी।
समिति के संस्थापक लखन प्रसाद और नीरज कुमार उर्फ लप्पू गुप्ता ने बताया कि कांवरियों की सेवा करना उनके लिए केवल सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि भगवान शिव की आराधना का एक माध्यम है। शिवभक्तों की सेवा से मिलने वाला आत्मिक संतोष किसी अन्य सुख से बड़ा है। उन्होंने कहा कि सावन माह में हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर बाबा धाम पहुंचते हैं और ऐसे में उन्हें थोड़ी भी सुविधा देना अपने आप में सौभाग्य की बात है। हमलोगों का लक्ष्य पूरे वर्ष बाबा धाम जाने वाले कांवरियों की सेवा करना है जिसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
सेवा शिविर में पहुंचने वाले कांवरियों ने भी समिति के कार्यों की सराहना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि यात्रा के दौरान इस तरह के निःशुल्क सेवा शिविर काफी राहत पहुंचाते हैं। खासकर लंबी दूरी तय कर आने वाले कांवरियों के लिए सेवा शिविर किसी सहारे से कम नहीं होते।
एक माह तक लगातार चले इस सेवा अभियान के दौरान समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामूहिक रूप से जिम्मेदारियां निभाईं। किसी ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली तो किसी ने श्रद्धालुओं की सेवा में अपना पूरा समय लगाया। सेवा कार्य में युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
सावन माह की समाप्ति के साथ ही शिविर का समापन किया गया। समापन के समय सेवादारों के चेहरों पर सेवा कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। एक माह तक साथ रहकर सेवा करने वाले सदस्य अब अपने घर लौट गए, लेकिन उनके मन में अगले वर्ष भी और बेहतर व्यवस्था के साथ शिवभक्तों की सेवा करने का संकल्प है।



