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दिनकर जयंती सह पुस्तक लोकार्पण समारोह 23 सितंबर को

औरंगाबाद। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती के अवसर पर आगामी 23 सितंबर 2026, बुधवार को शाम 4 बजे से शहर के बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह स्मृति भवन में दिनकर जयंती सह पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में साहित्य ,संस्कृति और शिक्षा से जुड़े शहर के अनेक साहित्यकार, कवि, लेखक, शिक्षक एवं साहित्यप्रेमी शामिल होंगे। समारोह के दौरान प्रो. एस.पी. राय प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तक ‘रक्षाबंधन : स्नेह के धागे’ का लोकार्पण भी किया जाएगा। पुस्तक का संपादन श्रीराम राय द्वारा किया गया है। पुस्तक में रक्षाबंधन पर्व से जुड़े भावनात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों को साहित्यिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रकवि दिनकर के चित्र पर उपस्थित अतिथियों एवं साहित्यकारों द्वारा माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर की जाएगी। इसके बाद वक्ताओं द्वारा दिनकर के व्यक्तित्व, कृतित्व और हिंदी साहित्य में उनके अतुलनीय योगदान पर विचार व्यक्त किए जाएंगे। वक्ताओं द्वारा दिनकर की राष्ट्रभक्ति, ओजस्वी काव्यधारा और सामाजिक चेतना को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रासंगिकता पर चर्चा किया जाएगा।इसके पश्चात ‘रक्षाबंधन : स्नेह के धागे’ पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। पुस्तक के संपादक श्रीराम राय अपने संपादन कार्य एवं पुस्तक की विषयवस्तु के संबंध में उपस्थित साहित्यप्रेमियों को जानकारी देंगे।

समारोह में शहर के जाने-माने साहित्यकार डॉ. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र मिश्रा, अरविन्द अकेला, धनंजय जयपुरी, सुरेश विद्यार्थी, ओमप्रकाश पाण्डेय, लवकुश प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, प्रधानाध्यापक कौशल किशोर,महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी  सहित कई साहित्यकार, कवि, लेखक, शिक्षक एवं साहित्यप्रेमी सुधीजन उपस्थित रहेंगे।

आयोजकों ने साहित्य एवं संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाले लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर राष्ट्रकवि दिनकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा पुस्तक लोकार्पण समारोह का साक्षी बनने की अपील की है। श्रीकृष्ण सिंह स्मृति ट्रस्ट के सदस्य व कार्यक्रम के आयोजक अविनाश कुमार ने बताया कि दिनकर जयंती के अवसर पर आयोजित यह समारोह साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य एवं विचारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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