हिन्दी समाहार मंच, दरभंगा का 27 वा स्थापना दिवस समारोह का आयोजन

दरभंगा,27 वा स्थापना दिवस समारोह
हिन्दी समाहार मंच, दरभंगा का 27 वा स्थापना दिवस समारोह का आयोजन महामाया मार्केट, जुड़ावन सिंह दरभंगा में अखिलेश कुमार चौधरी की अध्यक्षता में किया गया।
सर्वप्रथम मंचस्थ अतिथि हीरा लाल सहनी, चंद्रेश जी, कुम कुम मिश्र ठाकुर सान्वी, शेखर कुमार श्रीवास्तव, सतीश चन्द्र भगत, बिनोद कुमार लाल ने समवेत दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। तत्पश्चात मंच के सदस्यों द्वारा केक काटकर एक दूसरे को शुभकामना व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्रद्धा सुरभि ने समाहार गीत प्रस्तुत की। वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि- हिन्दी समाहार मंच लोक भाषाओं के साहित्यकारों एवं कवियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना, साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना ही संस्था का मूल उद्देश्य है।
इस अवसर पर पूर्व उपाध्यक्ष डा अयूब राईन को समाहार शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।
अयूब राईन ने कहा कि समाहार मंच अब जिला की नहीं बल्कि यह बिहार की एक प्रमुख संस्था के रूप में जाना जाता है।
मुख्य अतिथि हीरा लाल सहनी ने कहा कि- भावनात्मक एकता स्थापित कर साहित्य की सेवा करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि चंद्रेश ने कहा कि – समाहार मंच प्रगति पथ पर अग्रसर है। विगत कई वर्षों से समाहार पत्रिका का प्रकाशन होना , मंच की सक्रियता को दर्शाता है।
कुमकुम मिश्र ठाकुर ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि- साहित्य की सेवा और उसकी मर्यादा को पालन करना चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन के क्रम में अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि- मंच प्रत्येक महीने सारस्वत समारोह के माध्यम से वरिष्ठ और नवोदित साहित्यकारों का समन्वय करता है। नियमित रूप से समाहार वार्षिक का प्रकाशन होता है।
इस अवसर पर अरूण कुमार वर्मा (पूर्व उपाध्यक्ष ), पुनीत कूमार सिन्हा ( पूर्व उपाध्यक्ष), डा अयूब राईन( पूर्व उपाध्यक्ष) , अमरेश्वरी चरण सिन्हा, कामेश्वर कुमार ओझा, रमण कुमार झा, आशुतोष कुमार मिश्र आदि ने विचार व्यक्त किया। प्रथम सत्र का संचालन अमिताभ कुमार सिन्हा ने किया।
द्वितीय सत्र में मुकेश कुमार झा सोनु के सफल संचालन में डा सतीश चंद्र भगत, शेखर कुमार श्रीवास्तव, कवि अमरजीत अमर,अतुल कुमार मिश्रा,डा प्रतिभा स्मृति, रीतु प्रज्ञा, साधु शरण भगत, मुश्ताक एकबाल, आशीष अकिंचन, निजाम बख्स, महाकाव्य प्रसाद, मन्जर सिद्दिकी, डा विश्वनाथ ठाकुर, शंभु नारायण चौधरी, डौली कुमारी, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, खुश्बू कुमारी, संप्रज्ञा सुरभि आदि ने सामयिक कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
धन्यवाद ज्ञापन महाकांत प्रसाद तथा संचालन मुकेश कुमार झा सोनु ने किया।



