महात्मा गॉंधी लाल बहादुर शास्त्री

” दो महान विभूतियों-गांधी जी और शास्त्री जी”
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दो अक्टूबर की पावन तिथी,
लेकर आई संदेश महान,
एक ने सत्य -अहिंसा सिखलाई,
दूजे ने बढाया देश का मान।
गुजरात की धरती से निकले,
मोहन दास महान,
भारत मां की आजादी खातिर,
बन गए सत्य की पहचान।
चरखे के धुन में गूंज उठी थी,
स्वतंत्र की पुकार,
गांधी जी के त्याग-तपस्या को,
नमन करे संसार।
उसी दिवस भारत की धरती पर,
जन्मे शास्त्री लाल,
सादगी साहस और कर्तव्य का
थे वे अनुपम मिसाल।
छोटा कद था लेकिन उनका,
व्यक्तित्व रहा विराट,
“जय जवान, जय किसान ”
से,गूंजा सारा हिन्दुस्तान।
एक ने सत्य की राह दिखाई,
एक ने कर्म सिखाया,
दोनो ने भारत मां के चरणो में,
अपना जीवन अर्पित किया।
न पद का मोह ,न यश की चाहत,
ना कोई अभिमान,
जन सेवा को धर्म मानकर,
बढाया भारत का सम्मान।
आओ आज प्रण करे हम-सब,
सत्य-पथ पर चलते जाएँ,
गाँधी जी की अहिंसा लेकर,
शास्त्री जी का कर्म निभाएँ।
देश प्रेम केवल शब्द न हो,
जीवन मे उसका मान रहे,
दो महान सपूतो को आज,
श्राद्धा से करे प्रणाम।
महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री भारत के अमर गौरव को
शत-शत नमन शत-शत प्रणाम। 🙏🇮🇳
डॉ नीरा प्रसाद
धनबाद झारखंड



