जयमलसर बालिका सैनिक स्कूल की छात्राओं को सीकर शिफ्ट करने का विरोध, अभिभावकों ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को भेजा ज्ञापन

जयमलसर बालिका सैनिक स्कूल की छात्राओं को सीकर शिफ्ट करने का विरोध, अभिभावकों ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को भेजा ज्ञापन
बीकानेर।
जयमलसर स्थित पूज्य रामी देवी रामनारायण राठी बालिका सैनिक स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं को सीकर स्थानांतरित करने की चर्चाओं के बीच अभिभावकों में रोष व्याप्त है। बीकानेर में अध्ययनरत अधिकांश छात्राओं के अभिभावकों ने राज्य की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को ज्ञापन भेजकर छात्राओं को सीकर न भेजने तथा बीकानेर विद्यालय की मूलभूत समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।
बीकानेर में ही जारी रहे बेटियों की पढ़ाई
अभिभावकों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि वे अपनी बेटियों की पढ़ाई बीकानेर में ही जारी रखना चाहते हैं। इस संबंध में प्रधानाचार्य तथा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को पहले ही लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। अभिभावकों का आरोप है कि कुछ लोग निजी हितों के चलते छात्राओं को सीकर भेजने की सिफारिश कर रहे हैं, जिनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनकी बेटियां वर्तमान में स्कूल में उपस्थित तक नहीं हैं। इसलिए प्रशासन को वर्तमान में अध्ययनरत छात्राओं और उनके अभिभावकों की राय को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सीकर में भी सुविधाओं की कमी, 6 माह की योजना पर उठे सवाल
ज्ञापन में बताया गया कि सीकर विद्यालय में भी शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव है। वहाँ वर्तमान में महज दो कक्षा-कक्ष हैं, जिनमें पहले से ही 40-40 छात्राओं के दो सेक्शन चल रहे हैं। ऐसे में बीकानेर की छात्राओं को वहाँ भेजने पर शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी। अभिभावकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि यह स्थानांतरण छह माह के लिए प्रस्तावित है, तो इसके बाद बीकानेर विद्यालय का विकास किस समय-सीमा में पूरा होगा, इसकी कोई स्पष्ट कार्ययोजना सामने नहीं रखी गई है।
स्मार्ट बोर्ड पर वीडियो दिखाने और दबाव की राजनीति की जांच की मांग
अभिभावकों ने ज्ञापन में एक गंभीर प्रकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि 7 अक्टूबर को स्कूल स्टाफ के कुछ सदस्यों द्वारा कक्षा के स्मार्ट बोर्ड पर छात्राओं को सीकर विद्यालय का वीडियो दिखाया गया। आरोप है कि यह वीडियो अभिभावकों की अनुमति के बिना छात्राओं की सोच को प्रभावित करने के उद्देश्य से दिखाया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही, कुछ तथाकथित संगठनों द्वारा अन्य अभिभावकों पर प्रशासन के खिलाफ धरने व झूठी शिकायतें दर्ज कराने का अनुचित दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई है, जिस पर अभिभावकों ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
भामाशाहों के सम्मान और प्रस्तावित बजट जारी करने की अपील
अभिभावकों ने रेखांकित किया कि इस विद्यालय की स्थापना दानदाता श्री पूनमचंद राठी एवं अन्य भामाशाहों के सहयोग से संभव हुई थी। पर्याप्त सरकारी बजट न मिलने से भविष्य में भामाशाहों का विश्वास प्रभावित हो सकता है। साथ ही, शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में प्रस्तावित 66 करोड़ रुपये व 165 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट को शीघ्र जारी करने तथा 18 सितंबर को शासन सचिव के साथ हुई बैठक में मिले आश्वासनों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की गुहार लगाई गई है।



