लोक भाषा के खोरठा, भोजपुरी और हिंदी के कवियों ने राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं नवल विहान साहित्य कला मंच के कार्य क्रम मे जलवा बिखेरा

धनबाद ( झारखंड)
नवल विहान साहित्य कला- सांस्कृतिक मंच के राष्ट्रीय वार्षिक समारोह के तृतीय सत्र राष्ट्रीय काव्य सम्मेलन मे कवियों ने लोक गीत, लोक कविता, गजल, दोहे, शेर, शायरी और छंदों से शमा बांध दिया ! इस सत्र का सफल संचालन धनबाद की जानी मानी साहित्यकारा व स्थानीय कॉलेज की प्रोफेसर अरविंदर कौर ने किया !
जिनमें सर्व श्रेष्ठ प्रस्तुति से युवा कवि नव कुमार दत्ता ‘ श्रीजेश ‘ एवं अंशुल नरुल्ला ने अपने शानदार और धमाकेदार प्रस्तुति से सभागार में बैठे सभी आमंत्रित अतिथियों का दिल जीत लिया और खूब वाह वाही बटोरी !
जबकि आकांक्षा बरनवाल, सुप्रिया कुमारी ‘ सरस ‘ ने हिंदी और खोरठा के लोकप्रिय कवि व साहित्यकार विश्वजीत विश्वकिरण ने खोरठा प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी, पुनीत साव व भीम कुमार ‘ भारत ‘ , निखिल बरनवाल व सुदर्शन प्रसाद ने लोक भाषा खोरठा, भोजपुरी, हिंदी में अपने काव्य का जलवा दिखाया ! शानदार संचालन के साथ साथ शानदार काव्य प्रस्तुति से प्रो. अरविंदर कौर ने, सोनी बरनवाल, अंजली किशोर ‘ कृति ‘ ने अपनी प्रस्तुति से सभी को खूब लुभाया !
सभी लोक भाषा कवियों को अतिथि डॉ. संगीता नाथ एवं आचार्य संजय सिंह ‘ चंदन ‘ ने अंग वस्त्र सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया !! सर्व श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए विश्वजीत विश्वकिरण एवं नव कुमार दत्ता की प्रस्तुति सराही गई !!
कार्य क्रम के आयोजक एवं संस्था के राष्ट्रीय संस्थापक बरनवाल मनोज ‘ अंजान ‘ एवं अगम अनु ने सभी साहित्यकारों का जोरदार स्वागत किया ।



