14 सितंबर हिंदी दिवस पाक्षिक कार्यक्रम के दसवें दिन भारतेंदु जी को किया गया याद

1884 में जम्होर पधारकर साहित्यकारों को किया था जागरूक
औरंगाबाद , सदर प्रखंड स्थित ग्राम जम्होर के टावर रोड में संत मरियम मिशन स्कूल के प्रांगण में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में 14 सितंबर हिंदी दिवस पाक्षिक पूर्व कार्यक्रम के निमित्त दसवें दिन 1884 ई में औरंगाबाद के जम्होर गांव में पधारने वाले महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र को याद किया गया। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा,महामंत्री धनंजय जयपुरी के आह्वान पर उपस्थित लोगों ने सर्वप्रथम भारतेंदु के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन जम्होर विकास मंच के सचिव राणा सुनील सिंह ने किया।भारतेंदु के समग्र साहित्य पर संवाद करते हुए जिला उपाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी ने बताया कि भारतेंदु जी हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के क्रम में औरंगाबाद के जम्होर गांव पहुंचे और यहां के साहित्यकारों से मिलकर साहित्यिक रचना में मदद की। औरंगाबाद जिले में साहित्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का कार्य किया था।कवि वचन सुधा,भारत दुर्दशा हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि रचना है।उनके साहित्यिक अवदान को हिंदी दिवस पर चर्चा के क्रम में औरंगाबाद जिला हमेशा ऋणी रहेगा। मौके पर अरुण कुमार पाण्डेय,शिक्षिका दिव्या कुमारी,प्राची सिंह,खुशी कुमारी,शिक्षक अजय कुमार, विकास कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।



