एक काव्य-पाठ संबंधित पुस्तक का विमोचन विशेष रूप से प्रभावशाली रहा

12 जुलाई 2025 , हरिद्वार | जिसका शीर्षक है – “मेरी परछाई”। इसमें लेखक सुनील सैनी जो जीन्द शहर के मूल निवासी हैं, ने अपनी कविताओं के माध्यम से विभिन्न विषयों और मुद्दों को आमजन तक पहुँचाने का प्रयास किया है। काव्यकार, लेखक सुनील सैनी सीना द्वारा लिखी गई कविताएँ, देश के वीर जवानों, किसानों तथा कामगार, और मजदूरों को समर्पित हैं। इस दौरान, वैदिक प्रकाशन की प्रकाशक/संस्थापक प्रशस्ति सचदेव एवम् गोष्ठी अध्यक्ष, लेखिका नीतु कुमारी ने एकल पुस्तिका “मेरी परछाई” के प्रकाशन हेतु शुभकामनाएँ दीं। और इसके साथ उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी गीत प्रस्तुति और काव्य-पाठ किया। काव्यगोष्ठी की शुरुआत अंजलि सारस्वत ने ईश वंदना से की। विभिन्न कवियों /साहित्यकारों ने सावन, बारिश, गुरु पूर्णिमा आदि विषयों पर अपनी प्रस्तुति दी। आरूषजी ने भोले के दर, विपुल शर्मा ने गुरु मेरे सावन जैसे, मंजूषा ने बोले अहिव रिमझिम वरण्या ने नीरबध, एक बूंद बरखा बरसा दे, पार्थ सर ने लेख, किरण बाला ने गुरु महिमा वर्णन, जोनाकी भट्टाचार्य ने नाम का अर्थ, विशेष ने शायरी, डॉ० चन्द्र कला ने प्रथम गुरु माँ व मन भावन सावन आयो रे, अंजलि सारस्वत ने स्वार्थ विषय पर कविता पढ़ी, अनन्त राम शास्त्री, आरजू मलिक, पार्थ, अपर्णा, ऋचा तिवारी, भगवान दास शर्मा, ममता साहू, डॉ० उषा अग्रवाल, नीतु नितुंजली ने गुरु महिमा विषय पर कविता पढ़ी। अनामिका गुप्ता ने खुद में खुद को जान ले बन्दे, उमाशंकर मैथिल ने पुरषोत्तम राम, सीमा कुमारी शिरोमणि ने शिव महिमा, सुदेश कुमारी ने डॉक्टर व मरीज कहानी, रेखा भारद्वाज ने बरसात, माधुरी सिंह ने सावन-साजन और तीज, बल कलाकार अनाया ने शिव भजन नृत्य प्रस्तुति, डॉ० सविता गिरि ने बारिश का ये प्यारा मौसम, सुषमा परमार ने आसाढ़ी बूंदे बरसी टप टप, रामसागर कश्यप छत्तीसगढ़ ने प्रकृति संरक्षण, अरुण राठौड़ ने शिव महिमा, प्रशस्ति सचदेव ने माँ मेरी माँ, सुनील सैनी सीना ने मेरी परछाई कविता पढ़ी व शिव भजन बम भोले का सुपना आया सुनाया।



