गजल सत्र मे देश के गजलकारों की गजलों से सुनामी से तालियाँ ही तालियाँ

गजल सत्र में देश के गजलकारों की सुनामी से तालियां ही तालियां
धनबाद ( झारखंड)
धनबाद के कोला कुसमा मे स्थित होटल क्लार्क इन के मुख्य सभागार मे नवल विहान साहित्य कला- सांस्कृतिक मंच के राष्ट्रीय वार्षिकोत्सव समारोह के ” गजल सत्र ” मे गजलों के बौछार से तालियों की सुनामी लहर चलती रही, एक से बढ़कर एक गजलकारों ने अपनी गजल से धमाकेदार प्रस्तुति दी ।
एक ओर गजलकारा डॉ संगीता नाथ और बरनवाल मनोज ‘ अंजान ‘ की गजलों ने खूब तालियां बटोरी।
तो दूसरी ओर युवा गजलकार मो. महताब नार्वी ( कौसाम्बी- उत्तर प्रदेश) व युवा गजलकारा सुमन मिश्रा, मंजू शरण ‘ मंजुल ‘ व अन्य लोकप्रिय गजलकार श्याम देव मंडल व निरंजन कुमार महतो ने गजलों की बौछार से लोगों को अपनी ओर खींचा !! खूब सराहा लोगो ने ।
गजलकारा डॉ संगीता नाथ की बेहतरीन गजल ” हमारे दिल की, तुम्हारे दिल की कहानी कहाँ जुदा है ?…… खूब तालियाँ बटोरी !
गजल सत्र के गजलकार व गजलकाराओं को अतिथि डॉ अमिता बागची, नवीन चंद्र सिंह, मनोहर पटेल ने अंग वस्त्र, नवल विहान साहित्य रत्न सम्मान एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।



