नकुड़ के शिक्षक-कवि सुनील कुमार खुराना को ‘राष्ट्र-शिल्पी सृजन सम्मान’ 2026*

*नकुड़, सहारनपुर (उ.प्र.) 8 सितंबर 2026।* शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में नकुड़ का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित हुआ है। क्षेत्र के वरिष्ठ शिक्षक एवं साहित्यकार सुनील कुमार खुराना को देश के प्रतिष्ठित *बेमिसाल साहित्यिक मंच (साहित्य, संस्कृति और सृजन को समर्पित पठल)* द्वारा *’राष्ट्र-शिल्पी सृजन सम्मान’* से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2026) के पावन अवसर पर आयोजित एक दिवसीय काव्य लेखन प्रतियोगिता में उनकी उत्कृष्ट, प्रेरणादायी एवं भावपूर्ण सहभागिता के लिए प्रदान किया गया है। मंच की संस्थापिका *मिटू डे* द्वारा दिनांक 8/9/2026 के लेखन की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। श
सुनील कुमार खुराना ने अपनी ओजस्वी और संवेदनशील तूलिका से गुरु-शिष्य परंपरा के पवित्र बंधनों को जिस निष्ठा और गहराई के साथ शब्दों में पिरोया है, वह न केवल प्रशंसनीय है बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक दीपस्तंभ भी है। संस्था की संस्थापिका ने कहा कि “अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले, शब्द को संस्कार और जीवन को दिशा देने वाले परम आदरणीय शिक्षक और सृजनशील साहित्यकार के रूप में आपकी यह रचना इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चा शिक्षक और लेखक समाज की वैचारिक नींव को कितना मजबूत करता है।”
संस्थापिका ने सुनील कुमार खुराना के यशस्वी साहित्यिक सफर, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर सृजनशीलता की मंगलमय कामना करते हुए कहा है कि उनकी कलम यूं ही समाज को दिशा देती रहे और साहित्य के आकाश को सुवासित करती रहें। सुनील कुमार खुराना इससे पूर्व उत्तर Sunshine Global Edu-Star Award 2026, वैदिक प्रकाशन द्वारा उत्कृष्ट लेखक सम्मान और गूगल मैप पर साहित्यकार के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। वे वर्तमान में उच्च प्राथमिक विद्यालय, ग्राम बांधी, नकुड़ में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उनका जीवन मंत्र “सबका मंगल होए” है।



