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नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान की काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न

- नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान की काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न; दिग्गज साहित्यकारों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
- देवरिया। नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में होटल पार्थ (कसया रोड) में आयोजित भव्य ‘काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह’ श्रोताओं की भारी उपस्थिति और मनोहारी काव्य प्रस्तुतियों के बीच ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस भव्य और गरिमामयी साहित्यिक कार्यक्रम का कुशल आयोजन आयोजक संदीप कुमार मिश्रा तथा संयोजिका सीमा नयन द्वारा किया गया।
- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी एवं नगर पालिका परिषद देवरिया की अध्यक्ष अलका सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने साहित्य और समाज के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए आयोजन की सराहना की। विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय कनोडिया, अर्शिया रहमान एवं एम. बी. सिद्दीकी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
- काव्य संध्या में नागरी प्रचारिणी सभा के प्रबुद्ध साहित्यकारों व नगर के साहित्यिक स्तंभों—दिवाकर प्रसाद तिवारी, इंद्र कुमार दीक्षित, दयाशंकर कुशवाहा, सरोज पांडेय तथा जगदीश उपाध्याय की उपस्थिति ने समारोह को विशिष्ट साहित्यिक गरिमा प्रदान की।
- कवि सम्मेलन के मंच से कवयित्री पार्वती देवी गौरा, प्रार्थना, अंजलि अरोरा ‘ख़ुशबू’, रानी दुर्गावती, रीना मिश्रा और शिखा गौर ने अपनी ओजस्वी व सुमधुर रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं कवि विवश, आशुतोष त्रिपाठी, प्रवीण त्रिपाठी और वरुण पांडेय ने समसामयिक, राष्ट्रीय व श्रृंगार रस की रचनाओं से देर तक समां बांधे रखा।
- पूरे कार्यक्रम का संचालन जाने-माने रचनाकार संचालक बादशाह प्रेमी द्वारा किया गया। उनके सधे अंदाज और हास्य-व्यंग्य से भरे चुटीले संचालन ने श्रोताओं को बांधे रखा और सभागार में देर तक तालियां गूंजती रहीं।
- समारोह के समापन पर संयोजिका सीमा नयन ने सभी अतिथियों, रचनाकारों और सुधी श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को भव्य स्वरूप देने और हर कदम पर संबल प्रदान करने के लिए आयोजक संदीप कुमार मिश्रा के प्रति विशेष कृतज्ञता प्रकट की। कवियों व साहित्यकारों को सम्मानित किए जाने के साथ ही राष्ट्रगान के उपरांत समारोह का समापन हुआ।



