नव कुम्भ साहित्य सेवा संस्थान द्वारा गांधी जयंती पर ‘गांधी—कल और आज’ परिचर्चा एवं काव्य गोष्ठी आयोजित

नव कुम्भ साहित्य सेवा संस्थान द्वारा गांधी जयंती पर ‘गांधी—कल और आज’ परिचर्चा एवं काव्य गोष्ठी आयोजित
अध्यक्ष अनिल कुमार ‘राही’ की मौजूदगी में साहित्यकारों ने गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता पर किया मंथन
विशेष संवाददाता
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर नव कुम्भ साहित्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में “गाँधी—कल और आज” विषयक विचार-गोष्ठी एवं काव्य पाठ का भव्य आयोजन किया गया। संस्थान के अध्यक्ष अनिल कुमार ‘राही’ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में 28 से अधिक साहित्यकारों, वरिष्ठ पत्रकारों, कवियों एवं प्रबुद्धजनों ने सहभागिता कर गांधीजी के जीवन-दर्शन और वर्तमान समय में उनके सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात अध्यक्ष अनिल कुमार ‘राही’ ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंच संचालक नरसिंह ‘हैरान’ ने स्वागत गीत गाकर उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके उपरांत संस्थान की ओर से उपस्थित गणमान्य अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
परिचर्चा सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में बोलते हुए आदरणीय कृष्ण कुमार मिश्र, यशपाल सिंह एवं रामप्यारे रघुवंशी ने कहा कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के मूल्य आज के दौर में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। वहीं परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार नामदार राही, सुशील कुमार ‘नाचीज़’, शारद प्रसाद ‘शरद’, रंजना शुक्ला तथा जगन सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।
द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें कवियों ने अपनी प्रेरक व ओजस्वी रचनाओं से समां बांध दिया। काव्य पाठ प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख रूप से एन.बी. सिंह ‘नादान’, अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’, उमेश मिश्र ‘प्रभाकर’, शोभा ‘स्वप्निल’, ओमप्रकाश सिंह, अजय सिंह, तिलकराज खुराना, विजय कुलकर्णी, दिनेश मुकरी, नरसिंह ‘हैरान’, अरुण प्रकाश ‘अनुरागी’, मुन्ना यादव, जगन, रामगोपाल, दिनेश खुल्लम, निरंजन भोसले, सुरेश कुमार एवं राजेश मिश्रा शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में सुशील कुमार ‘नाचीज़’ ने सभी मंचासीन अतिथियों, कवियों और साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया। सामूहिक राष्ट्रगान और ग्रुप फोटो के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ।



