शारदीय नवरात्रि- प्रथम शैलपुत्री माता

शारदीय नवरात्र-प्रथम शैलपुत्री माता
मां शैलपुत्री आई हम सबके द्वार है,
सबके घरों में खुशियां छाई अपार है।
नवरात्रि के प्रथम दिवस मां की करें आराधना,
शैलपुत्री माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप की उपासना।
श्वेत वस्त्र धारणी नंदी पर सवार है,
एक हाथ में कमल फूल, दूजे में त्रिशूल है।
प्रजापति दक्ष पुत्री,भगवान शिव की लाडली है,
शैलपुत्री, सती, भवानी, पार्वती कहलाती है।
जगत जननी मैया दीन दुखियों का पालक है,
महिषासुर मर्दिनी मैया,असुरों का संहारक है।
घी, दूध, खीर, बर्फी का भोग खूब लगाइए,
शैलपुत्री मां का पूजा कर जीवन को संवारिए।
शक्ति स्वरूपा माता की महिमा अपरंपार है,
उसकी ही कृपा से चला मेरा घर परिवार है।
एक तुम्ही हो मैया दीन दुखियों का दाता,
मेरी भी झोली, खुशी से भर दो माता।
बिपिन कुमार
बेगूसराय, बिहार



