न्यूज

उठो गोरी – बारिश आई

उठो गोरी – बारिश आई

उठो गोरी, उठो गोरी,
आसमान में काले-काले बादल छाए,
हरे भरे तेरे बारिश के संग,
तेरे प्यारे सजना आए।

बादल भर-भर बारिश लाए,
इधर देख तो उधर देख तो,
नाच रहे हैं उमड़-घुमड़ कर,
पिया के संग नाचे गोरी तू अब।

साजन संग प्राण भरने को
नए मधुर राज लाए हैं,
चिड़ियों ने लाई संदेश,
मधुर-मधुर शीतल पुरवाई।

गोरी बस तेरे लिए ही सब
चलकर तेरे पास आई,
सुन फिर से प्यार बरसाने,
तेरे घर सब आई है।

इधर-उधर काले-काले बादल,
जलधार नाच-नाच कर,
गरज-गरज कर बरस कर,
प्यार के फुहारे की प्रेम चादर धरती पर आई।

खेत-खलिहान, आम के बागों में गोरी,
बारिश संग -साजन झूमे, चारों दिशाओं में,
खेत हरा चुनर ओढ़े गोरी,
इठलाई रूप रंग सब बिखर गए।

सपनों की बाहों में गोरी,
साजन के गीतों में खोई है,
आज बादल छाए हैं,
काली बदली, काली गोरी के काजल।

सुर्ख लाल होठों के रंग,
झांक उठी सब दिशाएं,
बादल छाए, गोरी नाचे,
ओ गोरी बदल काली-काली आए,
ओ गोरी बादल संग तेरे साजन आए।

कुमारी ऋतंभरा
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button