पहली भाषा हमने हिन्दी में सीखी

“पहली भाषा हमने हिन्दी में सीखी ”
जब हिन्दी ने मुझसे बात की।
दिल मेरा गद -गद हो गया।।
जब अपनों से मुलाकात हुई।
दिल मेरा पागल पागल हो गया।।
हिन्दी से अपनापन भा गया।
मुझको तो मजा बस आ गया।।
कन्नङ मलयालम तमिल तेलुगू।
और अंग्रेजी सर से उतर जाती है।।
मगही मैथिली औेर भोजपुरी ।
हिन्दी ही बस मुझको भाती है।।
वैसे भाषा तो अनेकों है यहां।
हिन्दी ही मुझे समझ आती है।।
जब कोई हिन्दी में बोल जाता है।
हिन्दी मिसरी सी घोल जाती है।।
ए जी ओ जी जब कोई बोले।
कानों में हवाओं सी डोल जाती है।।
बोलें हिन्दी नाना दादा औेर मामा।
नानी दादी भी हिन्दी बोल जाती है।।
पहली भाषा हमने हिन्दी में सीखी।
दूसरी गणित में पहाङा सिखा जाती है।।
क से कमल ख से खरगोश ग से गधा।
और म से मछली पानी में तैर जाती है।।
ममता सिंह “विशिष्ट ”
धनबाद (झारखंड )



