बिहार के सीमावर्ती जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां चेरिया बरियारपुर थाने में एक प्राइवेट ड्राइवर की पुलिस हिरासत और हथियार के साथ ली गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीर में युवक के हाथ में हथियार दिख रहा है और उसके पीछे पुलिस वाहन भी खड़ा दिख रहा है। फोटो के सामने आएं ही सुरक्षा पैनल और पुलिसिया व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हुए हैं।
दस्तावेजों के अनुसार, तस्वीरों में बताया जा रहा है कि फैक्ट्री साडर खंड के कथा पंचायत के निवासी ललन यादव जा रहे हैं, जो कथित तौर पर एक निजी वाहन चालक के रूप में दुकान में थे। इस वायरल फोटो में यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि आखिर एक गैर-पुलिसकर्मी को पुलिस बल और हथियार कैसे मिले।
कानूनी विशेषज्ञ की राय
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, बिना किसी सरकारी व्यावसायिक सहायक का उपयोग करना, उन्हें चित्रित करना, या पुलिस सहायक स्वयं को एक विशेषज्ञ के रूप में दिखाना गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में कई कानूनी धाराएं लग सकती हैं। इधर, जिला पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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थाने से प्रार्थना-पत्र मांगा गया
मामले की जांच के लिए संबंधित स्टेसी से पूछताछ की गई है। साथ ही, यह जांच का आदेश दिया गया है कि तस्वीरों में दिख रहा हथियार असली या नकली है, और वह हथियार उस युवक तक कैसे पहुंचे। प्रशासन यह भी आंकलन कर रहा है कि क्या युवा किसी आधिकारिक कार्य में शामिल थे या फिर यह व्यक्तिगत प्रदर्शन के खिलाफ पूरी तरह से थे। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि सुरक्षा मानक की अनदेखी को लेकर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कार्रवाई तय की जाएगी।