दिनकर महोत्सव के मौके पर विचार गोष्ठी एवं साहित्यिक संध्या का आयोजन

औरंगाबाद 24/9/25, जिला मुख्यालय औरंगाबाद के समाहरणालय के समीप डॉ श्रीकृष्ण सिंह स्मृति भवन के प्रांगण में भारत के महान साहित्यकार,राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की 117 वीं जयंती दिनकर महोत्सव के रूप में मनाई गई।श्रीकृष्ण सिंह स्मृति ट्रस्ट एवं जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के संयुक्त तत्वावधान में सर्वप्रथम रामधारी सिंह दिनकर के तैल चित्र पर उपस्थित लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह,समकालीन जवाबदेही पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा,सच्चिदानंद सिंहा महाविद्यालय के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉ रामाधार सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह,नगर पार्षद मंजरी सिंह,प्रसिद्ध कवयित्री सुमन लता, शब्दाक्षर के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री धनंजय जयपुरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी अविनाश कुमार ने किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में राष्ट्रकवि दिनकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित विचार गोष्ठी में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि दिनकर राष्ट्रीय चेतना जगाने वाले कवि थे।उनके कारण हिंदी वैश्विक परिदृश्य पर स्थापित हुई है। डॉ रामाधार सिंह ने दिनकर को पर्यावरण साहित्य का युग पुरुष बताया उनके साहित्य ने संपूर्ण भारत में राष्ट्र मंगल करने का कार्य किया था। डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि दिनकर ने पूरा जीवन संघर्ष में व्यतीत करते हुए गद्य और पद्य दोनों ही विधाओं में उत्कृष्ट रचना रच कर जनहित राष्ट्र हित में विशेष कार्य किया था। डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि दिनकर किसी वाद एवं धारा में बंधे हुए साहित्यकार नहीं थे ।वाद एवं धारा के विपरीत चलकर अपनी रचनाओं से हिंदी साहित्य को विशिष्ट सेवा दी। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मंजरी सिंह ने काव्य पाठ के माध्यम सबको भाव विभोर कर दिया।जनार्दन मिश्र जलज ने काव्य पाठ के माध्यम से दिनकर के ओजपूर्ण रचनाओं को राष्ट्रवाद का प्रतीक बताया।तों सुमन लता ने अपनी रचनाओं से दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को भाव विह्वल कर दिया।धनंजय जयपुरी ने छंदबद्ध रचनाओं से लोगों के अंदर संवेदना जगाने का कार्य किया।सुरेश विद्यार्थी द्वारा मगही एवं हिंदी मिश्रित काव्य पाठ किया गया।दिनकर महोत्सव के मौके पर सभी आगंतुकों को अविनाश कुमार द्वारा अंग वस्त्र एवं पुष्प हार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर ओम प्रकाश सिंह सुशील कुमार,नगर पार्षद रंजय अग्रहरि,संजीव शर्मा,शशिकांत गौतम,श्रीनिवास कुमार,नवीन कुमार नागेंद्र पांडेय, संगीत शिक्षक रामचंद्र शर्मा,रवि शेखर विजय पांडेय सत्येंद्र शर्मा, अशोक सिंह, प्रशांत कुमार, दोमुहान सूर्य महोत्सव के अध्यक्ष सिंहेश सिंह,चंद्रकांत सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।




