मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मुस्लिम एकांतवासी मामला सामने आया है। यहां जलसाजों ने खुद को स्मारक बनाया और दिल्ली शोरूम के अधिकारी ने एक डॉक्टर को लगभग दो घंटे तक मानसिक रूप से बंधक बनाकर रखा। फर्जी केसों और धमाकियों के जरिए लाखों करोड़ों की संपत्ति की कोशिश की गई, लेकिन समय पर झूठ की विश्वसनीयता से बड़ी पार्टियां बताई गईं।
जानकारी के अनुसार आज़ाद चौक निवासी और गहोई समाज के सरपंच डॉ. हज़ारी लाल गुप्ता को सबसे पहले उनके मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर कुशल सिंह, ट्रस्ट जांच एजेंसी (दिल्ली) को बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में लाल किले पर हुए विस्फोट में 140 लोगों की मौत हो गई। गुप्ता का नाम शामिल है और उनके सिम का इस्तेमाल चोरों से संबंधित धोखाधड़ी में हुआ है। जम्मू-कश्मीर आतंकवाद केस 017/2025 से पासपोर्ट धमाका हुआ।
ठगों ने घर में रहने, किसी से बात न करने और दरवाजा बंद रखने के निर्देश दिए। इस तरह वे मानसिक रूप से “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति में फंस गए। कुछ समय बाद दूसरे नंबर से वीडियो कॉल आया, जिसमें आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण और सुरक्षा पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे। डर के कारण डॉक्टर ने अपने खाते में रखे 10 लाख रुपये, जानें पूरी जानकारी। ठग कॉन्स्टैंट का कहना है कि घर के बाहर और इलाके में 123 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और हर एक्टिविटी रिकॉर्ड हो रहा है।
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इसी बीच डॉ. गुप्ता के बेटे ने माता-पिता की डरावनी आवाजें वैज्ञानिकों और खतरनाक भांपकर को अपने दोस्त अभय त्रिसोलिया और अन्य सहयोगियों को घर भेजा। संग्रहालय में उन्होंने काफी सारी कलाकृतियाँ बनाईं। अभय ने डॉ. गुप्ता का मोबाइल लेकर कॉल कट दी और फोन बंद कर दिया। इसके बाद पूरा मामला कैसल को समझ में आया।
घटना की शिकायत तुरंत साइबर सेल और 1930 मोबाइल फोन पर दर्ज की गई। सुपरमार्केट टी.आई. बांड्स ने बताया कि यह एक सु-ऑब्जेक्टेड साइबर इक्विटी का प्रयास था। डॉ. हजारी गुप्ता ने याचिका में कहा कि ठग खुद को एनआईए दिल्ली क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने संदिग्ध साबित करने की धमकी दे रहे थे और महत्वपूर्ण बैंक जानकारी ले ली थी। थोंगों ने ओटीपीएफएफ का आदेश दिया, लेकिन टाइमलाइव बेटों के दोस्त ने उन्हें बचा लिया।
पुलिस सब्सक्रिप्शन ने सभी बैंक लॉक करा दिए हैं। कटनी साइबर टीम संबंधित मोबाइल नंबर की गुप्त ट्रैकिंग कर रही है और उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या खतरनाक पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस या साइबर अपराधियों से संपर्क करें। जागरूकता ही ऐसे अपराधियों से मुक्ति का सबसे बड़ा हथियार है।