हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने में मातृभाषा की महत्वपूर्ण भूमिका

औरंगाबाद 21/2/26(सुरेश विद्यार्थी):सदर प्रखंड स्थित ग्राम जम्होर में संत मरियम मिशन स्कूल के प्रांगण में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।संस्था के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, महामंत्री धनंजय जयपुरी के आह्वान पर विचार गोष्ठी की अध्यक्षता सुरेश विद्यार्थी ने किया।जबकि संचालन की जिम्मेवारी मिशन स्कूल के डायरेक्टर सतीश कुमार सिंह ने निभाई।मुख्य अतिथि के रूप में जम्होर विकास मंच के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह उर्फ पिकू एवं सचिव राणा सुनील की गरिमामई उपस्थिति रही।हिंदी के विकास में मातृभाषा की भूमिका विषयक विचार गोष्ठी के संबोधन के क्रम में वक्ताओं ने कहा कि हिंदी को उत्कृष्ट भाषा बनाने में मातृभाषा की विशिष्ट भूमिका है।इस दिवस को सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में मातृभाषा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मातृभाषा इंसान की प्रथम भाषा होती है जब कोई बच्चा अपने आसपास के वातावरण से स्वाभाविक रूप से सीखता है, वही उसकी सबसे सहज भाषा बनती है।मातृभाषा से प्राकृतिक, सांस्कृतिक पहचान एवं अभिव्यक्ति मिलती है। इसके माध्यम से भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना बहुभाषी शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।पहचान और संस्कृति को आकार देने में सहायक होती है। मातृभाषा किसी व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने में मातृभाषा एक मानक का रूप ले सकती है।मौके पर विकास कुमार यादव,शिवानी कुमारी,जान्हवी कुमारी,अमृता कुमारी सहित अन्य उपस्थित थे।




