औरंगाबादन्यूजभारत

शब्दाक्षर के बैनर तले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्य स्मृति में एक विचारगोष्ठी सह काव्यगोष्ठी का आयोजन

पुण्यतिथि पर याद किए गए दिनकर /सभा में पहलगाम घटना की हुई निंदा, दी गई श्रद्धांजलि

औरंगाबाद, राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ के बैनर तले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्य स्मृति में एक विचारगोष्ठी सह काव्यगोष्ठी का आयोजन स्थानीय श्रीकृष्ण सिंह स्मृति भवन मे किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता पर्यावरणविद प्रो रामाधार सिंह ने की जबकि संचालन जिलाध्यक्ष नागेंद्र कुमार केशरी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में उक्त संस्था के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री धनंजय जयपुरी ने अपनी गरिमामई उपस्थिति दर्ज कराई। संचालन के क्रम में नागेंद्र कुमार केसरी ने बताया कि राष्ट्रकवि के रूप में समादृत दिनकर जी की पुण्यतिथि 24 अप्रैल को मनाई जाती है पर 22अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले की वजह से कार्यक्रम देर से आयोजित हुआ।उपस्थित लोगों ने दिनकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की चर्चा की तथा स्थानीय कवियों ने कविताएं पढ़ीं।इस क्रम में पहलगाम आतंकी हमले की घोर निंदा की गई।

वक्ताओं ने कहा कि हिंसा और अस्थिरता से कश्मीर वर्षों परेशान रहा किंतु अब स्थितियां बदल रही थीं।देश विरोधी ताकतों ने इस घटना को अंजाम देकर मानवता को शर्मसार किया है। साथ ही वक्ताओं ने आतंकवादियों एवं देश विरोधी ताकतों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हेतु भारत सरकार से आह्वान किया।

श्री जयपुरी ने कहा कि दिनकर सच्चे राष्ट्रवादी कवि थे। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व में भारतीय जन-गण के स्वप्न और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति मिलती है। उन्होंने कहीं और किसी भी रूप में हुई हिंसा पर करारा प्रहार किया। दिनकर के स्मरण मात्र से शरीर की रक्त-बिंदुओं में उबाल आ जाता है, साथ ही ओज का संचार होने लगता है। कवि अनुज बेचैन ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर मानवतावादी कवि थे। कश्मीर की घटना के बीच कविवर की कविताएं हमें साहस प्रदान करती हैं। ज्योतिर्विद शिवनारायण सिंह ने कहा कि राष्ट्रकवि की कविताओं ने हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों से हमें सतर्क किया है। हिंदी चीनी भाई-भाई कि मैत्री के समय उन्होंने कहा था ‘कपोत भीतर बारूद है।’ अविनाश कुमार ने कहा कि आज के दौर में दिनकर की प्रासंगिकता बढ़ जाती है। साहित्य ही वह दर्पण है जिसमें हम अतीत को देख वर्तमान के लिए सबक ले भविष्य की नींव रखते हैं। इस अवसर पर न्यायिक सेवा में स्थान पाई बेटियों को अंग-वस्त्र व पुस्तक देकर सम्मानित किया गया।

संस्था के उपाध्यक्ष जनार्दन मिश्र जलज, साहित्य मंत्री सुमन अग्रवाल, संगठन मंत्री अनिल अनल, प्रचार मंत्री हिमांशु चक्रपाणि,शिक्षक नेता अशोक पांडेय, बुलेट न्यूज के संपादक राज पाठक, डा हेरंब कुमार मिश्र, नीलमणी कुमार, विजय पांडेय, मंटू शर्मा, सुरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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