राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो धार्मिक नेता प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के साथ हुए कार्यक्रम में मचान पर गमसान थमाने का नाम नहीं लिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम दीक्षित ने इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पर हमला बोला है. कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन हिमालयन दृष्टिकोण से रोहिणी के कलाकार और उनकी पसंदीदा हस्तियों का राबड़ी आवास से आगमन की घटना को मैं चित्रित करता हूं। हमारा परिवार जो संयुक्त परिवार है। विशेष रूप से भाईचारे को विशेष रूप से तरजीह दी जाती है। लेकिन, किशोर यादव किस परिस्थिति में काम करते हैं? यह जांच का विषय है। हमलोग तो पहले भी कहा करते थे कि वह अनाप शनाप बर्बाद हो गए थे। हम लोगों को यही लगता है कि जो नॉर्म आदमी इस तरह की बात नहीं करता है। हमलोग पहले भी बोले थे कि तेजस्वी यादव की बात पर विश्वास मत करो। जनता ने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के काम पर भरोसा जताया। आज रिजल्ट आप लोगों के सामने है।
फैजाबाद ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने पहले अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव को घर से निकाला था। इसके बाद बहन रोहिनी टीचर घर से निकल गईं। जिस बहन ने अपनी किडनी तक दे दी। उन्होंने कहा था कि ऑनलाइन कैंसर दे दिया गया। पैसा ले लिया। ये सब शर्मनाक बात है. एक बेटी का अपमान बिहार की जनता की नजर नहीं। व्यक्तिगत रूप से हम इस घटना से बेहद दुखी हैं। इससे पहले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम विशाखा ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। उनके साथ बिहार भाजपा के महासचिव विनोद तावड़े भी मौजूद रहे। जीतन राम विश्वनाथ ने डेमोक्रेट प्रधान को पुष्प गुच्छ देखकर जीत की बधाई दी।
लालू यादव परिवार: लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य चर्चा में, राजद प्रमुखों के परिवार में किसका कैसा सहायक कद?
रोहिणी का आरोप- रोहिणी का आरोप
14 नवंबर को बिहार चुनाव के नतीजे आने के बाद रोहिणी ने आरोप लगाया था कि उन्हें गांव वालों ने छोड़ दिया, जूते से पीट दिया गया। उन्होंने भाई तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें चुनाव में राजद के हार के बाद सीट पर बुलाया गया। रोहिणी के अनुसार, उन्होंने कहा था कि उनके पिता (लालू प्रसाद यादव) को सतीनिवास में रखा गया था। अपने पोस्ट में रोहिनी ने दर्द स्पष्ट करते हुए कहा, “मुझसे कहा गया कि मैं करोड़ों रुपये ले गया, टिकटें ले लीं, तब सेसिनिटोरियोनिक लगवाई।” रोहिनी ने यंग और उनके करीबी सहयोगी संजय यादव और रमीज पर मायका छुड़वा देने का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं उन्होंने संजय यादव पर तंज कसते हुए लिखा कि सभी बेटी-बहन, जो मेहमान हैं, उन्हें बोलें कि जब प्रॉमिस में बेटा-भाई हो, तो भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वह या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगाए दे।
‘मुझसे बड़ा गुनाह हो गया’
रोहिणी ने आगे लिखा कि बहन-बेटियाँ अपना घर-परिवार देखें, माता-पिता की देखभाल किए बिना अपना बच्चा देखें, अपना काम, मुस्लिम देखें, अपने बारे में। मेरा बड़ा गुनाह हो गया, मैंने अपना परिवार, तीन बच्चों को नहीं देखा, किडनी दे दी वक्त न अपने पति, न छात्रावास से ली। 16 नवंबर को रोहिणी आचार्य के साथ चंदा, रागिनी यादव समेत उनकी बहनें भी राबड़ी आवास से निकल गईं। रोहिणी में पटना एयरपोर्ट ने अपने साथ हुई आपबीती की जानकारी दी।