न्यूज

औरंगाबाद में हरिवंश राय बच्चन जी की 118 वीं जयंती आयोजित

बच्चन की मधुशाला ;हिंदी साहित्य की प्रयोगशाला

औरंगाबाद 27/11/25, जिला मुख्यालय औरंगाबाद के ब्लॉक मोड़ के समीप अवस्थित पृथ्वीराज चौहान स्मृति स्थल के प्रमाण में जिले की महत्वपूर्ण साहित्यिक संस्था जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में भारत के महान साहित्यकार,हालावाद के जनक हरिवंश राय बच्चन जी की 118 वीं जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। बच्चन की मधुशाला,

हिंदी साहित्य की प्रयोगशाला विषयक विचार गोष्ठी की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने किया। जबकि संचालन की जिम्मेवारी उपाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी द्वारा निभाई गई। डॉ ज्ञानेश्वर प्रसाद सिंह ने विषय प्रवेश के क्रम में कहा कि बच्चन जी हिंदी साहित्य के एक ऐसे कवि के रूप में जाने जाते हैं जिनकी मधुशाला ने आधुनिक हिंदी काव्य में प्रयोगशाला का कार्य किया था। उनकी मधुशाला एक प्रयोग थी जिसने आधुनिक हिंदी काव्य में हलचल मचाकर हालाबाद को जन्म दिया और एक नई परिपाटी की शुरुआत की गई। पृथ्वीराज चौहान ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष राम प्रवेश सिंह,वरीय सदस्य चंद्रप्रकाश विकास,जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू बाबू, सिंहा कॉलेज के गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ शिवपूजन सिंह ने कहा कि बच्चन जी ने आधुनिक हिंदी काव्य में दिल को छू जाने वाली काव्य रचना की जिसने हर उम्र के लोगों पर अपना प्रभाव डाला। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि बच्चन जी का हिंदी साहित्य में अविस्मरणीय योगदान है अंग्रेजी के प्रोफेसर होते हुए भी उन्होंने हिंदी साहित्य में अतुलनीय योगदान दिया है।हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काव्य रचना करते रहें और तत्कालीन सरकार को हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए ध्यानाकर्षण हमेशा किया। विदेश मंत्रालय में 10 साल तक हिंदी के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने कार्य किया था।उनकी कृति मधुशाला,मधुबाला,मधु कलश,निशा निमंत्रण,एकांत संगीत, सतरंगी, हलाहल कालजई रचना है जिसने हिंदी साहित्य को विशिष्टता प्रदान की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button