श्रीअरविन्द सोसायटी केन्द्र गया में श्रीअरविन्द के जन्मदिन की 153 वीं जयंती मनाई गयी

गया , 15 अगस्त 2025 को श्रीअरविन्द के जन्मदिन की 153 वीं जयंती और भारत के स्वतंत्रता की 78 वीं वर्षगांठ श्रीअरविन्द सोसायटी केन्द्र गया में मनाई गयी।
प्रातः काल प्रथम सत्र में श्रीअरविन्द और श्रीमां के चित्रों पर पुष्पार्पण कर धूप-दीप जलाकर प्रार्थना ध्यान किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय ध्वज को फहराया कर राष्ट्रीय गीत का गान एवं श्रीमां के ध्वज को फहराया कर वंदेमातरम का गान किया गया ।प्रार्थना और ध्यान, माता पुस्तक और सावित्री पर्व तीन सर्ग दो-भगवती माता की अराधना हिन्दी में श्री विनय कुमार सिन्हा, सचिव, गया केन्द्र के द्वारा पढ़ा गया।
द्वितीय सत्र सायं 5.00 बजे से 7.30 तक चला। पहले उपस्थित सदस्यों ने पुष्पार्पण कर, अगरबत्ती जलाकर श्रीमां श्री अरविन्द को प्रणाम निवेदित किया। श्री माताजी के संगीत के साथ ध्यान किया गया।श्रीअरविन्द द्वारा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 के उपलक्ष्य मे दिये गये भाषण का हिन्दी अनुवाद का वाचन श्री विनय कुमार सिन्हा ने किया।श्री बालेन्दु कुमार बमबम ने प्रार्थना पढा।श्री बालेन्दु और श्री सुनील कुमार सिन्हा ने सावित्री की पृष्ट संख्या 445 और 680-81 के कुछ अंशों को अंग्रेजी में और डॉ.अरूण कुमार प्रसाद ने हिन्दी में वाचन किया। डॉ.के.के.नारायण, उपाध्यक्ष गया केन्द्र ने *श्रीअरविन्द का विश्व को देन* विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
श्री विनय कुमार सिन्हा, सचिव ने कहा कि श्रीअविन्द का योग रूपांतरण का योग है।
श्रीमां और श्रीअरविन्द के प्रसाद के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर सम्मिलित होने वालों में डॉ. के.के.नारायण , उपाध्यक्ष,श्री विनय कुमार सिन्हा, सचिव, गया केन्द्र, डॉ.अरूण कुमार प्रसाद, पूर्व प्राचार्य, मिर्जा गालिब कालेज गया,डॉ.शशांक शेखर झा, श्री हिमांशु किशोर सिन्हा,श्री सुनील कुमार सिन्हा, श्री बालेन्दु कुमार बमबम,श्री नारायण सिंह,श्री जयदीप मित्रा,श्रीमती गीता मित्रा,सुश्री स्वर्णलता मित्रा, श्रीमती गीता सिन्हा, डॉ आशुतोष कुमार सिन्हा प्रमुख थे।




