फाइनेंसियल पुलिस ने एक फ़र्ज़ी तकनीशियन को गिरफ़्तार किया है जो पिछले तीन महीनों से पुलिस की सहायता से औद्योगिक शहर के विभिन्न इलाक़ों में वाहनों की जांच के दौरान अवैध ग़ैरकानूनी तरीके से काम कर रहा था। गिरफ्तार युवक की पहचान मध्य प्रदेश के जयनगर थाना क्षेत्र के कुवाढ गांव निवासी ऋषि कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस के पास से उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, पुलिस का सामान और एक डंडा भी बरामद हुआ है।
ऐसा हुआ खुलासा
बेंता ने हरेंद्र कुमार को गुप्त सूचना दी कि एक कवयित्री कार्यशाला में लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस ने उसकी धरपकड़ पर कई दिनों तक नजर रखी। शनिवार की देर शाम को हरेंद्र के नेतृत्व में सामुद्रिक सौरव, सावन सावन, स्कॉटलैंड कुमार समेत अन्य कुमार साथियों की टीम ने उन्हें बेंता चौक पर रंगे हाथ पकड़ लिया।
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पूछताछ में पूछताछ अपराध
स्केल ने बताया कि पूछताछ में ऋषि ने स्वीकार किया कि उसने पहले सिपाही भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन भर्ती हो गया। इसके बाद उन्हें पुलिस की अल्पायु और खुद को उपदेश दिया गया। वह शहर के अलग-अलग इलाक़ों में वाहनों की जांच के नाम पर डॉक्टरों की ओबाही बताता था। युवक ने यह भी बताया कि उसने अपने परिवार से झूठ बोला था कि वह पुलिस में भर्ती हो गई है और एक ज्योतिषी बन गई है। उन्हें यह भी विश्वास था कि शादी के लिए महान परिवार और ड्रग्स की उम्मीद में वह पुलिस की पतली पोशाक पहनेंगी।