शिक्षा विभाग द्वारा आज “मेधा दिवस” समारोह 2025 का आयोजन किया गया, जिसमें 2025 में कुल 151 टॉपर विद्यार्थियों की प्रतिभागिता हुई। स्नातक होने वाले बच्चों में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले 123 और इंटर के रियलिटी कॉमर्स-कॉमर्स, कला एवं विज्ञान स्नातक में प्रथम 5 स्थान प्राप्त करने वाले 28 छात्र शामिल थे। यह कार्यक्रम पटना के ज्ञान भवन, सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया था।
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से 2025 के उत्कृष्ट ऑपरेशन में सर्वश्रेष्ठ योगदान वाले राज्य के 10 खिलाड़ियों- अररिया, स्ट्रॉच, भागलपुर, पूर्वी रांची (मोतिहारी), मधेपुरा, डीआरडीए, नालन्दा (बिहार सरफराज), पटना और शेखपुरा के जिला ग्रेजुएट एवं जिला शिक्षा अनुदान को भी मान्यता दी गई है। सभी विशिष्ट जिला पोर्टफोलियो को विशिष्टता-पत्र, आई पैड एवं मोमेंट्स प्रदान किया गया। सभी जिला शिक्षा दस्तावेजों को पूर्णता-पत्र, लैपटॉप मोमबत्तियाँ प्रदान की गईं।
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इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री सुनील कुमार थे। इनके अलावा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष किशोर इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति पर व्याख्यान दिया।
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इस साल 2025 से इंट्रो एविएशन के टॉपर स्टूडेंट्स को देय पुरस्कार राशि दी गई है। यानी इस साल के इंटरमीडिएट टॉपर को 02 लाख रुपये, द्वितीय टॉपर को 1.5 लाख रुपये और तृतीय टॉपर को 01 लाख रुपये की पेशकश की गई है। इंटरमीडियेट में चतुर्थ एवं पंचम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को 30 हजार रुपये तथा इंटरमीडिएट में चतुर्थ एवं पंचम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को 20 हजार रुपये प्रदान किये गये। साथ ही इंटरमीडियेट के सभी छात्र-छात्राओं को एक-एक लैपटॉप, एक-एक लैपटॉप और मेडल भी प्रदान किया गया।
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इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सभी मेधावी छात्रों को बधाई दी। उन्होंने 2017 से “मेधा दिवस” की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया और कहा कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के जन्म दिवस के अवसर पर प्रति वर्ष 03 दिसंबर को मेधा दिवस के रूप में मनाए जाने की शुरुआत डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के अद्वितीय व्यक्तित्व के प्रति सच्ची श्रद्धांजली है। उन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की सहायक कंपनियों की और बताईं कि कैसे डिजाइन में विशेषज्ञता हासिल की जाए। सुधारों एवं उनके क्रियानवयन के अनुरूप नवाचारों के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिक्षा मंत्री जी ने इस अवसर पर राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति जागरूकता बल देते हुए कहा कि शिक्षा बजट में बहुत पूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जिम्मेवार, उत्कृष्ट नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभानी है।