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नारी शक्ति को समर्पित उन्मुक्त उड़ान मंच का गरिमामय आयोजन

नारी शक्ति को समर्पित उन्मुक्त उड़ान मंच का गरिमामय आयोजन

सुप्रसिद्ध साहित्यिक मंच “उन्मुक्त उड़ान मंच — आपका अपना मंच” हिंदी भाषा के उत्थान, साहित्यिक चेतना के प्रसार तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह सक्रिय एवं सशक्त साहित्यिक मंच अपनी संस्थापिका एवं अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ के कुशल मार्गदर्शन तथा मंच के समर्पित प्रभारियों के सहयोग से फेसबुक प्लेटफ़ॉर्म पर समय-समय पर विविध साहित्यिक आयोजनों का संचालन करता रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से साहित्य प्रेमियों, चिंतकों, कवियों और कलमकारों को विषय आधारित लेखन के लिए प्रेरित किया जाता है, जिसमें गद्य और पद्य दोनों विधाओं की रचनाओं का समावेश रहता है।

इसी क्रम में 8 मार्च 2023 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर उन्मुक्त उड़ान मंच द्वारा फेसबुक मंच पर एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नारी सशक्तिकरण, सम्मान और संवेदनशीलता के विविध आयामों को केंद्र में रखते हुए नारी शक्ति का एक भावपूर्ण उत्सव मनाया गया।

मंच अध्यक्षा एवं आयोजन प्रभारियों द्वारा प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणादायी विषय निर्धारित किया गया —
“आपके जीवन में आयी प्रत्येक महिला को अपने भावों के माध्यम से सम्मानित करें।”

इस विषय ने प्रतिभागियों के हृदय को गहराई से स्पर्श किया और मंच से जुड़े प्रबुद्ध रचनाकारों, विद्वान कवियों तथा विदुषी कवयित्रियों ने अपनी भावपूर्ण अभिव्यक्तियों के माध्यम से अपने जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली महिलाओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त की।

कार्यक्रम में छंदमुक्त कविता, गीत, दोहा, सरसी छंद आदि विभिन्न साहित्यिक विधाओं में रचनाएँ प्रेषित की गईं। मंच पटल को सभी रचनाकारों के लिए खुला रखा गया था, जिससे वे अपनी रचनाओं की प्रस्तुति भी दे सकें। विशेष रूप से 12 रचनाकारों ने अपनी रचनाओं को गीतात्मक वीडियो के रूप में प्रस्तुत कर फेसबुक प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से साझा किया, जिसने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।

मंच की संस्थापिका एवं अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है, क्योंकि नारी ही समाज में ममता, प्रेरणा, शक्ति और स्नेह का अनमोल स्रोत है।

कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों को “नयनाभिराम सम्मान पत्र” तथा “साहित्य सरस्वती सम्मान” से अलंकृत किया गया तथा उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति की मुक्तकंठ से सराहना की गई।

इस अवसर पर मंच की प्रमाणन प्रभारी विशेष शर्मा ‘सुहासिनी’ ने वीडियो के माध्यम से अपनी उत्कृष्ट भावाभिव्यक्ति प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके अतिरिक्त कार्यकारी अध्यक्षा नीरजा शर्मा ‘अवनी’, अभिकल्पक प्रभारी नीतु रवि गर्ग ‘कमलिनी’, सचिव संजीव कुमार भटनागर ‘सजग’, संरक्षिका स्वर्ण लता सोन ‘कोकिला’, उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र जोशी ‘सहयोगी’, मीडिया प्रभारी फूलचंद्र विश्वकर्मा ‘भास्कर’, समीक्षा प्रभारी अशोक दोशी ‘दिवाकर’, इंदरपाल द्विवेदी, रंजना बिनानी ‘स्वरागिनी’, मंजुला सिन्हा ‘मेघा’, डॉ. पूनम सिंह ‘सारंगी’, अनु तोमर ‘अग्रजा’, ज्योति वर्णवाल आदि ने भी महिलाओं के सम्मान में अपने भाव वीडियो के माध्यम से व्यक्त कर आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाया।

इसके साथ ही देश के विभिन्न प्रांतों में बसे अनेक कवि, कवयित्रियों और साहित्यकारों — मैत्रेयी त्रिपाठी, राजेश शर्मा, लक्ष्मी चौहान, पालजी भाई राठौड़, सुरेश कुमार ‘गौरव’, कुसुम लता ‘तरुषी’, संगीता चमोली ‘इंदुजा’, राधा कौशिक, सुनील माधव, प्रवीणा सिंह राणा, निशा कौल शर्मा, रंजीता श्री, अंजु श्रीवास्तव, ज्योति वर्णवाल, डॉ. रामकुमार ‘निकुंज’, अनु भाटिया ‘हंसिनी’, मीरा साजवान, वीरेंद्र सोनी आदि सक्रिय सृजनकारों ने भी सहभागिता दर्शाते हुए अपनी रचनाएँ प्रेषित कीं।

नारी शक्ति को समर्पित यह साहित्यिक आयोजन अपनी भावनात्मक ऊष्मा, रचनात्मकता और सहभागिता के कारण सफल, सार्थक, उल्लेखनीय, अविस्मरणीय और अतुलनीय सिद्ध हुआ।

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