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उन्मुक्त उड़ान मंच पर विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित साप्ताहिक आयोजन सम्पन्न

उन्मुक्त उड़ान मंच पर 14 जुलाई 2025 से 19 जुलाई 2025 तक विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित छः दिवसीय साप्ताहिक साहित्यिक आयोजन का सफल और भावपूर्ण समापन हुआ। इस बार आयोजन का विषय था— “युवाओं का उचित मार्गदर्शन और युवा कौशल योजनाएं”, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक और आवश्यक है। इस सृजनात्मक आयोजन की परिकल्पना और संयोजन आदरणीय सुनील भारती आज़ाद ‘सौरभ’ जी ने किया, जिन्होंने मंच की सशक्त अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ जी के कुशल नेतृत्व में मंच संचालन की गरिमामयी पुनः शुरुआत की। उनका उद्बोधन न केवल आयोजन की आत्मा बना, बल्कि अनेक रचनाकारों को भी विषय पर सोचने और अपनी लेखनी से भागीदारी हेतु प्रेरित किया। मंच पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े साहित्यकारों ने विषय के विभिन्न पक्षों को लेकर विचारोत्तेजक और हृदयस्पर्शी आलेख प्रस्तुत किए। नन्द किशोर बहुखंडी (देहरादून), कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’, माधुरी शुक्ला (सारनाथ), मनजीभाई कालुभाई मनरव (भावनगर), संजीव कुमार भटनागर ‘सजग’ (लखनऊ), सुरेश सरदाना (नोएडा), अंजना व्यास ‘अभिलाषा’ (इंदौर), अरुण ठाकर ‘जिंदगी’ (जयपुर), अशोक दोशी दिवाकर, नीरजा शर्मा अवनि, दिव्या भट्ट स्वयं, तथा सुरेशचंद्र जोशी सहयोगी जैसे लेखकों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को साहित्यिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। आलेखों में युवाओं की वर्तमान दशा, बेरोजगारी, भटकाव, सामाजिक-सांस्कृतिक संकट, तकनीकी विकास की चुनौती, और सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, स्किल इंडिया मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, जन शिक्षण संस्थान, PMKK, NAPS जैसे प्रयासों की प्रभावी व्याख्या की गई। कई रचनाकारों ने इस बात पर बल दिया कि केवल योजनाओं से नहीं, अपितु परिवार, समाज, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं के संयुक्त प्रयासों से ही युवाओं को सशक्त और सक्षम बनाया जा सकता है। इस आयोजन में यह स्पष्ट रूप से उभर कर आया कि रचनाकार केवल शब्दों के शिल्पकार नहीं, अपितु सामाजिक मार्गदर्शक भी हैं। सभी ने एक स्वर में इस बात की आवश्यकता बताई कि युवा यदि सही मार्गदर्शन और उपयुक्त कौशल से संपन्न हों, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि राष्ट्र की रीढ़ भी सिद्ध होते हैं। सप्ताह की शुरुआत सावन के स्वागत में गीतों की फुहारों से हुई , उसके पश्चात अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर न्याय विषय पर रचनाकारों ने अपनी दोहवाली को मुक्तक छंद में प्रेषित की ।सप्ताहांत में स्वेच्छिक विषय और विधा ने पटल पर मानो नए इंद्रधनुष सजा दिये, जिसमें सावन की फुहारें, भगवान शिव की आराधना, अंतस की पीड़ा, या मन में अंकुरित भीगे हुये भाव मिले। मंच की अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ जी को पुनः इस विचारशील मंच निर्माण हेतु नमन। मंच के सभी वरिष्ठ मार्गदर्शकों और सहभागियों को सादर साधुवाद जिनके स्नेह, प्रेरणा और सुझावों से यह आयोजन और भी समृद्ध बना। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी रचनाकारों को विशेष सम्मान-पत्र प्रदान किए गए, जो नीरजा शर्मा ‘अवनि’ और नीतू रवि गर्ग ‘कमलिनी’ द्वारा संयोजित और प्रारूपित किए गए। सुरेश चंद्र जोशी ‘सहयोगी और अशोक दोशी “दिवाकर”द्वारा की गयी हर आयोजन की समीक्षा और कृष्ण कान्त मिश्र ‘कमल’ एवं संजीव कुमार भटनागर ‘सजग’ द्वारा विज्ञप्ति के लिए रचनाओं का संकलन और विश्लेषण कार्यक्रम की सफलता के नए मापदंड रचते हैं। उम्मीद है कि मंच भविष्य में भी ऐसे विचारोत्तेजक और जागरूकता से परिपूर्ण आयोजनों द्वारा साहित्य और समाज के बीच सेतु का कार्य करता रहेगा।

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