आज़ादी के बाद से 19वीं सदी में रिपब्लिकन पार्टी के नेता अभ्युदय तक, बिहार में एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 19वीं सदी में रिपब्लिकन पार्टी की सरकार थी। इस बार, बिहार चुनाव 2025 में वह छह सीटों पर हैं। 14 नवंबर को आए चुनावी नतीजों के बाद अब तक कांग्रेस हार की समीक्षा कर रही थी। अब एक तरफ पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं तो दूसरी तरफ नई सरकार को गिराने के लिए बिहार कांग्रेस के नेताओं को राहुल गांधी की ओर से ब्लू से प्रिंट मिल गया है। क्या है ये नीला प्रिंट और किस तरह का है टिकाऊ, ये रहेगा बिकाऊ प्रिंट।
पहले जानिए, कांग्रेस की योजना की तैयारी का समय क्या था
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम सामने आ गया है। ‘अमर उजाला’ ने अपने नतीजों में बताया था कि किस मित्र से अंतिम मुलाकात कहां हुई? अब यह जान लीजिए कि बिहार चुनाव के लिए एक तरफ जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जहां आम लोगों के बीच अपने-अपने प्रचार-प्रसार कर रहा था और उसके फायदे पहुंचा रहा था; तब कांग्रेस इकलौते एश्वर्या पर काम कर रही थी। कांग्रेस ने नीतीश कुमार या बिहार सरकार की जगह भारत निर्वाचन आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ दिलाई थी। फ़्लोरिडा के विशेष गहन पुनरुद्धार के खिलाफ सड़क पर उतरकर वह ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ में ताकत शहीद रही थी। वोटर्स ने अपना वोट कटने को लेकर मतदान के दौरान भी ऐसा नहीं किया, जैसा कि कांग्रेस पूरे चुनाव प्रचार के समय कर रही है।
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अब जानिए, नई सरकार गठन के दिन कांग्रेसियों तक क्या योजना
बिहार चुनाव में टिकट के मामले में धांधली का आरोप लगाया गया है जहां 21 नवंबर को बागियों का प्रदर्शन है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कोसा में गठबंधन के नेताओं ने एक बड़ी योजना पर काम करने का संदेश भेजा है। राहुल गांधी के ब्लू प्रिंट की जानकारी अब कांग्रेस के सभी 38 छात्र-छात्राओं को भेजी जा रही है। कुछ बेवकूफ़ों तक की जानकारी तक पहुंच भी गयी है। उदाहरण के तौर पर कहा गया है कि वह हर विधानसभा में नामांकित प्रक्रिया के कलाकार थे। सभी को हर बूथ के फॉर्म 17सी मिकी का काम दिया गया है।
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क्या-क्या होता है फॉर्म 17जी, यानी 17सी में; क्या है पूरी योजना
कांग्रेस की योजना है कि वह हर जिले के सभी बूथों से फॉर्म 17 सी कोलेक्ट करें और इसमें दर्ज की गई वोटिंग संख्या को आमादा देखें कि चुनाव आयोग ने जो नतीजे दिए हैं, उनके आंकड़ों में अंतर है या नहीं। फॉर्म 17सी या 17जी एक ऐसा दस्तावेज है, जो सभी पुरासीन अधिकारियों को बंधक के साथ दिया जाता है। ऑक्सफोर्ड के साथ वोटिंग ड्यूटी के दौरान कई पट्टियाँ होती हैं, जो छह बड़े लिफाफों के अंदर होती हैं। यूएन लिफाफो में सबसे महत्वपूर्ण पेपर फॉर्म 17जी है। इसमें कंट्रोल यूनिट (ईवीएम), वोटिंग यूनिट (बीयू) और वीवीपैट (वीवीपैट) का सीरियल नंबर लिखा होता है। वोटिंग की सुबह मॉक पोल और वोट के समय में मौजूद वोटिंग के समय मतदान अभिकर्ता (पोलिंग एजेंट) का हस्ताक्षर इसी तरह होता है। इसपर हस्ताक्षर भी इसपर हस्ताक्षर होते हैं। जब वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो मोसील सील करने से पहले अंतिम वोटिंग की संख्या नोट कर फॉर्म 17सी में दर्ज कर दी जाती है। इसकी जानकारी पोलिंग एजेंट के पास भी मौजूद है।