
औरंगाबाद, बिहार: राष्ट्रीय कवि स्पर्श मंच द्वारा स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में एक भव्य ‘अखिल भारतीय कवि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन में देश भर के ख्याति प्राप्त और युवा कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय महेन्द्र पाल सिंह यादव “मधुप” (शाहजहांपुर), विशिष्ट अतिथि आदरणीय मुल्क राज आकाश (गाजियाबाद) और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदरणीय डॉ. राजेश तिवारी “मक्खन” (झांसी) उपस्थित रहे।
सम्मेलन की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसे आदरणीय डॉ. गीता पाण्डेय “अपराजिता” (रायबरेली) ने अपनी मधुर वाणी में प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण आदरणीय सुरेश विद्यार्थी (औरंगाबाद, बिहार) द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन आदरणीय शाहाना परवीन ‘शान’ (पटियाला, पंजाब) ने किया।
इस कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से उपस्थित 80 से अधिक कवियों वीणा उपाध्याय,मुजफ्फरपुर,डॉ.रामनिवास तिवारी आशुकवि, निवाड़ी, ग्रेटर नोएडा,हस्तिमल आर्य हस्ती, जोधपुर,सुधीर श्रीवास्तव, गोण्डा,विनोद कुमार वर्मा, गोरखपुर,हरमिंदर कौर, अमरोहा,संजय जैन “बीना”, मुंबई,विरेन्द्र जैन “माहिर”, वड़ोदरा,डॉ. बसंत श्रीवास वसंत, नरगोड़ा नारायणपुर,रामचंद्र सिंह “सूरज”, बरकतपुर फतेहपुर,नीरज यादव खिचड़ी सम्राट, मिश्रिख सीतापुर,विवेक चौरसिया, इटखोरी,हीरा सिंह कौशल, हिमाचल प्रदेश,रामकुमार प्रजापति, अलवर,मुल्क राज आकाश, गाजियाबाद,अर्चना आनंद, गाज़ीपुर,अनामिका श्रीवास्तव,डॉ संजीदा खानम शाहीन,ललिता जोगाड,मुंबई,डॉ गीता पांडे अपराजिता, रायबरेली,श्रीमति वन्दना शास्त्री”राही”, गुजरात,छोटे लाल सिंह अमर, ग्रेटर नोएडा,अमिता मिश्रा, बिलासपुर,कविता नामदेव, नजीबाबाद बिजनौर,डॉ ज्ञान माथुर “मन”, जोधपुर,सुनीता मिश्रा, लखनऊ,सोनिया दत्ता, गाज़ियाबाद,रंजुला चंडालिया कुमुदिनी, महाराष्ट्र ,नीलम दुबे, गोरखपुर,ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, संत कबीर नगर,अरविंदकुमार उचित, वाशीम,सुदिप्ता बनर्जी, नागपुर,सुनील कुमार “खुराना”, नकुड़ सहारनपुर,निहारिका झा, खैरागढ़ राज,किरन अग्रवाल, प्रतापगढ़,सुरेश विद्यार्थी, औरंगाबाद,प्रसून मिश्रा, लखनऊ,अजय बैरागी बिरक्त, डिंडोरी,पुतुल मिश्रा, सिलीगुडी,कल्पना सेठी कला, नागपुर,महेन्द्र पाल सिंह यादव मधुप, शाहजहांपुर,आदित्य अविरल, ग्वालियर,अर्चना आनंद, गाजीपुर,लखन कछवाहा’ स्नेही’, मण्डला,नीलम रानी सक्सैना, रामपुर,शालिनी श्रीवास्तव ‘सनशाइन’, गोरखपुर,कवि प्रीतम कुमार झा, महुआ,किरण सेन, छत्तीसगढ़,सुखमिला अग्रवाल भूमिजा, मुम्बई,शिखा पाण्डेय, गोरखपुर,बिहारी साहु धारिया, छुईखदान,रजत त्यागी, मुजफ्फरनगर,डाॅ.नीलम सरोज’खुशबू’,डॉ प्रियंका भूतड़ा प्रिया,डॉ अरूण कुमार शास्त्री, दिल्ली,प्रकाश कुमार, मधुबनी’चंदन’,संगम लाल मौर्य, सुलतानपुर,मीना तिवारी, पुणे,रामबहाल सिंह”बहाल”, वाराणसी,अनंत कुमार त्रिपाठी, गोरखपुर,बरुण कुमार दुबे, गोरखपुर,प्रतिभा द्विवेदी “मुस्कान”, सागर,डाॅ निधि गुप्ता,मंजू चौधरी ,फिरोजाबाद,अजीत कुमार, राजपुर, रोहतास,पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़,नसीरपुर कलाहरिद्वार,विश्वाणी देव,रामानन्द पाठक नन्द, नैगुवाँ निवाडी,डॉ ब्रजेंद्र नारायण द्विवेदी “शैलेश”,संजीत कुमार ठाकुर,अन्नपूर्णा मालवीया (सुभाषिनी), प्रयागराज,कवि ओ. पी. मेरोठा, कोटा,श्रीमती मीनू चौधरी, बरेली,अवध किशोर मिश्र, लखनीखाप, औरंगाबाद,पेंटर दिनेश चन्द्र जाटव, रूपारेल जावद,एवं प्रतिभा इन्दु, भिवाड़ी ने अपनी देशभक्ति और भक्ति रस से परिपूर्ण कविताओं का पाठ किया। कवियों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपनी रचनाएं सुनाईं। वहीं, जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण की महिमा और उनके जीवन दर्शन पर आधारित कविताओं ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया।
सम्मेलन के संयोजक श्रीराम राय, शिक्षक (kbspr.in) ने सभी कवियों, अतिथियों और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों को संयोजक श्रीराम राय द्वारा आकर्षक सम्मान पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। यह सम्मेलन साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में याद किया जाएगा, जिसने देशभक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं को एक साथ पिरोकर एक अद्भुत वातावरण का निर्माण किया।




