
नवापारा राजिम, छत्तीसगढ़ | योग जीवन का आधार हैं । सामान्य भाव से योग का अर्थ हैं _जुड़ना ,यानी दो तत्वों का मिलन योग कहलाता हैं। आत्मा का परमात्मा से मिलन होता हैं । नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ रहता हैं । मानसिक तनाव दूर होता हैं । योग जीवन जीने की शैली हैं, जिसे दैनिक दिनचर्या में शामिल किया जाना चाहिए। योग से स्वस्थ ऊर्जा का संचार होता हैं ,नकारात्मक भाव दूर होते हैं ।इस पावन धरा पर अनेक ऋषि मुनि साधु-संतो ने जन्म लिया और योग _ध्यान और तपस्या के द्वारा सिद्धि प्राप्त किए। प्राकृतिक वातावरण में शुद्ध वायु मिलता हैं । आज सभी सुख-सुविधा युक्त जीवन जीने के आदि हैं ,समय पर जागने और सोने से शरीर का संतुलन बना रहता हैं ,यह शरीर मन आत्मा और ब्रह्मांड को एकजुट करती हैं ।यह हर व्यक्ति को शांति और आनंद प्रदान करती हैं । उक्त बातें श्री राम जानकी शिक्षण समिति के कार्यकारिणी सदस्य व्यास नारायण चतुर्वेदी ने कहीं।
सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा में विश्व योग दिवस मनाया गया । इस अवसर पर योग प्रमुख नरेश यादव के मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने योग किया।
जिसमें अष्टांग योग,यम _नियम ,आसन_ प्राणायाम ,प्रत्याहार_ धारणा ,ध्यान तथा समाधि
शामिल हैं। उन्होंने कहा कि _योग को विश्व स्तर पर पहचान 21 जून 2015 को मिली। योग गुरु बाबा रामदेव व भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से इस दिन को विश्व योग दिवस के रूप में मनाते हैं।
अष्टांग योग शारीरिक शक्ति और मांसपेशियों के प्रशिक्षण पर केंद्रित हैं।यह आपके दिमाग़ को शांत बनाता हैं बल्कि शरीर की शक्ति पर भी काम करता हैं । वजन कम करने में भी मदद करता है।पद्मासन _वज्रासन, गोमुखासन, शवाशन, मकरासन _ताड़ासन ,वृक्षासन हर व्यक्ति को शांति और आनंद प्रदान करता हैं।यह एक व्यक्ति के व्यवहार विचारों और रवैए में भी परिवर्तन लाता हैं । दैनिक अभ्यास से संवेदनशीलता _अंतर्ज्ञान और जागरूकता बढ़ती हैं । आभार विद्यालय के प्राचार्य गौरी शंकर निर्मलकर ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के दीपक देवांगन, नरेंद्र साहू, सरोज कंसारी,नंद कुमार साहू, तामेश्वर साहू, वाल्मीकि धीवर,नारायण पटेल,कृष्ण कुमार वर्मा ,संजय सोनी,परमेश्वर सिन्हा ममता,मंजू साहू ,हुलेश्वरी साहू ,नेहा सोनकर, चेतन साहू , देवकी साहू, प्रतिभा यादव आदि उपस्थित रहें।