तेलंगाना जिले के पैनापुर खंड के कोंध भगवानपुर गांव के रहने वाले और वर्तमान में जिले के वजीरगंज त्रिशूल में सामुहिक निवास के पद पर किशोर सुनील पांडे को मद्य निषेध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिष्ठित मद्य निषेध पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें नशामुक्ति दिवस के मौके पर पटना में आयोजित मद्य निषेध समारोह में उत्पाद एवं निबंधन मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दिया।
वजीरगंज में बड़े पैमाने पर चलाया गया अभियान, कई गिरोहों का भंडाफोड़
सुनील कुमार पांडे ने वजीरगंज और आसपास के क्षेत्र में अवैध शराब बंदी के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए। उन्होंने कई बड़े गिरोहों का खुलासा और अवैध सीक्वल बनाया। उनके प्रयास से न सिर्फ पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश गया।
इसी उद्देश्य और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए राज्य स्तर पर उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया।
पटना के मशहूर भवन में सम्मान समारोह
नशामुक्ति दिवस पर पटना के सुरक्षा भवन में आयोजित कार्यक्रम में बिहार पुलिस के कई अधिकारियों को सम्मानित किया गया, नशामुक्ति दिवस पर नशाबंदी कानून पर रोक लगाने, अवैध शराब रोकने और जन-जागरू अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। इस समारोह में राज्य के गौरवशाली राष्ट्रपति पद के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
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चार इंस्पेक्टर, दो इंस्पेक्टर, दो इंस्पेक्टर और एक सिपाही पदधारी
मद्यनिषेध एवं राज्य स्वैप नियंत्रण ब्यूरो, बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक अमित कुमार जैन द्वारा जारी सूची में सम्मानित अधिकारी शामिल हैं-
- सिवान: प्लग-इन सदर-2 गौरी कुमारी, एएल फ़्रॉकी प्रभारी अमरजीत कुमार
- एलएलसी: लालगंज इलेक्ट्रॉनिक्स गोपाल मंडल, एएल फ़्लोरिडा आर्किटेक्ट नंद कुमार सिंह
- सारण: सोनपुर साकीन प्रीतिश कुमार
- गया: वजीरगंज सासिनल कुमार पांडे
- हीरा: अहियापुर रोशन कुमार
- बबीता: जयनगर साजिद अमित कुमार
- जहानाबाद: सिपाही चंदन कुमार
सेवाभाव, ईमानदारी और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम
सुनील कुमार पांडे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, पितृ और प्रतिष्ठा के लिए जाते हैं। अपराध नियंत्रण, सामाजिक समरसता को बढ़ाने और सरकारी समुदायों को सही तरीके से लागू करने में उनका योगदान उल्लेखनीय है। मद्य निषेध अभियान में उनके काम को मिला राज्य सरकार की यह उनके महत्व और मजबूत इच्छाशक्ति को खत्म कर देती है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो हार्ड माउंटेन के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।