आयुर्वेद: जीवन और स्वास्थ्य का शाश्वत आधार – एम.वी. दिल्ली फाउंडेशन का भव्य आयोजन
23 सितम्बर को आयुर्वेद दिवस पर एम.वी. दिल्ली फाउंडेशन ने विचार और रचना का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों और आयुर्वेद विशेषज्ञों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
23 सितम्बर को आयुर्वेद दिवस के अवसर पर एम.वी. दिल्ली फाउंडेशन द्वारा एक भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य विषय रहा— “आयुर्वेद हमारे जीवन और स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डालता है और उसका महत्व”।
कार्यक्रम का संचालन संस्था की निदेशक आरती तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि “आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं है बल्कि जीवन जीने का विज्ञान है। यदि हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलें तो अनेक रोग स्वतः ही दूर हो सकते हैं। आज की पीढ़ी को आयुर्वेद की इस अनमोल धरोहर को पुनः अपनाने की आवश्यकता है।”
संस्था की अध्यक्ष प्रीति दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि “आयुर्वेद भारतीय संस्कृति और परंपरा की आत्मा है। यह केवल शरीर की नहीं, बल्कि मन और आत्मा की भी चिकित्सा करता है। यदि हम इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता स्वतः ही जीवन में स्थापित हो जाएगी।”
इस अवसर पर मेजु राजानी, डॉ. विनीत अग्निहोत्री, डॉ. वीना आडवानी, नरेश सिंह न्याल,
भास्कर सिंह माणिक कोंच, कल्पना सेठी, गायत्री ठाकुर, सक्षम, शिवली गोस्वामी सहित अनेक जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विचारों का गहन आदान-प्रदान हुआ तथा आयुर्वेद के महत्व पर रचनाओं का भी सृजन किया गया। पूरे आयोजन ने अपने भव्य स्वरूप और सार्थक विमर्श से सभी को प्रेरित किया। एम.वी. दिल्ली फाउंडेशन का यह आयोजन न केवल आयुर्वेद दिवस के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य-सचेतना और भारतीय परंपरा की अमूल्य धरोहर को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हुआ।



