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अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच का गौरवशाली आयोजन : साहित्य, समाज सेवा और सम्मान का संगम

मुंबई।सामाजिक एवं साहित्यिक चेतना के क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से निरंतर सक्रिय अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच एक बार फिर अपने प्रेरणादायी कार्यों के कारण चर्चा में है। लगभग 30 वर्षों की सुदीर्घ यात्रा में मंच ने समाज के विविध आयामों को स्पर्श करते हुए जन-जागरण, साहित्य सृजन और सेवा कार्यों की एक सशक्त परंपरा स्थापित की है।

यह मंच केवल साहित्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर उस स्थान पर अपनी आवाज़ बुलंद की है जहाँ अन्याय, उत्पीड़न या सामाजिक विकृति दिखाई दी—चाहे वह घरेलू हिंसा के विरुद्ध संघर्ष हो, स्वच्छता के लिए जनअभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर या आदिवासी समाज के उत्थान के प्रयास। अग्नि शिखा मंच ने हर बार समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए एक सजग प्रहरी की भूमिका अदा की है।

साहित्यिक क्षेत्र में भी मंच की भूमिका अत्यंत उल्लेखनीय रही है। नियमित कवि सम्मेलन, मासिक गोष्ठियाँ तथा नवोदित रचनाकारों—विशेषकर स्कूली बच्चों—को लेखन हेतु प्रोत्साहित करना, उनकी पुस्तकों का प्रकाशन करना, यह सब मंच की सृजनात्मक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देशभर से साहित्यकार और समाजसेवी इस मंच से जुड़कर इसे एक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करते हैं।

इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दिनांक 31 मार्च 2026 को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बहुप्रतीक्षित पुस्तक “जीवन दोहावली” का विमोचन किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लगभग 20 विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके कार्यों के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।

इस अवसर पर “डॉ. शिवदास शुक्ला स्मृतिसम्मान”, “देवेंद्र पांडेय स्मृतिसम्मान”, “मीना अग्रवाल स्मृति”, “बी. आर. कुमार स्मृतिसम्मान” एवं “आशुतोष स्मृति” अंतर्गत अग्निशिखा साहित्य गौरव समाज गौरव साहित्य भूषण और साहित्य शिरोमणि समाज भूषण शब्द शिखर सम्मान आदि सम्मानों के साथ-साथ “अग्निशिखा साहित्य शिरोमणि” सहित अनेक अलंकरण प्रदान किए जाएंगे। चयन प्रक्रिया अत्यंत चुनौतीपूर्ण रही, क्योंकि प्रत्येक चयनित व्यक्तित्व अपने आप में समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।

अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच का यह प्रयास न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दूसरों को भी प्रेरित करता है। यह मंच आज एक ऐसी ज्योति बन चुका है, जो समाज के अंधकार को दूर कर नई दिशा प्रदान कर रहा है।

आयोजकों ने समस्त साहित्यप्रेमियों, समाजसेवियों एवं नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस गरिमामयी आयोजन में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं तथा समाज सेवा और साहित्य साधना के इस अभियान को और अधिक सशक्त करें।

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