धनबाद के दिव्यांग सरदार सविंद्र सिंह 61 वर्ष से सरकारी योजनाओं से वंचित

दिव्यांग सरदार सविंद्र सिंह ने जीवन मे हार नहीं मानी
____________________________धनबाद ( झारखंड )
धनसार, वार्ड नं. 32 के निवासी सरदार सविंद्र सिंह जो दो पैरों से दिव्यांग हैं, इन्होंने जीवन में हार नहीं मानी, बाल्य काल से ट्राई साइकिल से घर घर से रद्दी पेपर खरीद कर व्यापारियों को बेच कर अपनी आजीविका चलाया, फिर उसी ट्राई साइकिल पर सब्जी बेचकर व अन्य चीजें बेचकर अपनी आजीविका चलाने वाले और पिछले 10-11 वर्षों से ट्राई- स्कूटी से छोटे छोटे धंधे जैसे रद्दी पेपर खरीद- बिक्री, सब्जी की बिक्री कर आज तक अपनी आजीविका चलाते आ रहे हैं, इन्होंने किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया और न ही ऐसे दिव्यांग जो धनबाद के सड़कों पर अनायास ही दृष्टिगत होते हों, बच्चे, बूढ़े, युवा कौन नहीं जानता इन्हें, लेकिन ऐसे दिव्यांग को स्व रोजगार के लिए हमारे किसी जन प्रतिनिधियों ने आज तक संज्ञान नही लिया हो, आज 61 वर्ष की आयु मे अपने ” ट्राई स्कूटी ” की जर्जर हालत से व्यथित होकर भविष्य के लिए चिंतित हैं ! उन्हें राज्य सरकार या केंद्र सरकार के किसी योजना का लाभ आज तक नहीं मिला !
सामाजिक साहित्यिक जागरुकता मंच, संस्थापक आचार्य संजय सिंह ” चंदन ” ने बताया कि ऐसे उपेक्षित व्यक्ति को सम्मान से जीने का अधिकार दिलाने के लिए माननीय उपायुक्त, महामहिम राज्यपाल महोदय तक व्यक्तिगत रूप से मिलवाकर स्व रोजगार के लिए
ई- रिक्शा ( टोटो) उपलब्ध कराने की माँग करूँगा, जरूरत पड़ी तो रणधीर वर्मा चौक पर इनके साथ बैठ कर आमरण अनशन पर बैठने से पीछे नहीं हटूंगा !!




