बिहार चुनाव में करारी संगमा मीटिंग के बाद प्रदेश कांग्रेस में बेटियां ठीक नहीं चल रही हैं। एक दिन पहले कांग्रेस नेताओं के चित्र के बाद नामांकित हुआ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद तारिक असामी ने नेतृत्व पर ही सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि चुनाव में हुई शर्मनाक हार के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को अविलंब समीक्षा बैठक बुलानी चाहिए थी। साथ ही, जिन लोगों की इस हार में प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका रही है, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी देते हुए स्वयं को अपने पद से इस्तिफा दे देना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि आखिर ग्रैब की आवश्यकता क्यों पड़ी?
तार न्यूमेरिक अस्सिटेंट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी, उन लोगों को इसकी समीक्षा करनी चाहिए। कहाँ खो गया? क्या हुआ? इन सभी के लिए समीक्षा करनी चाहिए थी। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब सदाकत आश्रम में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इसे बिहार की जनता देख रही है। इससे कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।
बिहार: कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन, टिकटॉक से नाराज कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, अविनाश यादव जमीन पर बैठे
जानिए पूरा मामला
एक दिन पहले शुक्रवार को टिकटें रोशनी से नाराज होकर कांग्रेसी सदाकाट आश्रम पहुंच गईं। यह लोग बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ बातचीत करने लगे। कुछ देर बाद पूर्णिया डेमोक्रेट डेमोक्रेट यादव सदाकत आश्रम अमेरिका। विरोध कर रहे हैं कि लोकेशलों को गोली मारने की कोशिश की जा रही है लेकिन किसी ने अपनी बात नहीं सुनी। इसके बाद सोलोमन यादव जमीन पर बैठ गए और उन्हें स्टूडियो में रख लिया। वहीं नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टिकट चोर गड्डी छोड़ने के नारे लगाए। नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पैसे लेकर टिकट बांटे गए। जिसने जमीन पर पांच साल की मेहनत की। उसे टिकटें नहीं मिलीं। जिसने पैसे दिए, ईमेल किए। इस कारण कांग्रेस के खाते में छह प्रमुख स्थान हैं। हमलोग राहुल गांधी से अपील करते हैं कि वह बिहार चुनाव में ऐसी स्थिति की समीक्षा करें। टिकट चमकने वाले नेताओं पर कार्रवाई करें। ईमानदार को बिहार की जिम्मेदारी दी।