देव में मकर सक्रांति पर कम्बल के साथ दही चूड़ा और तिलकुट का वितरण

देव (दीपक गुप्ता); भगवान भास्कर की पावन नगरी देव में दही-चूड़ा सिर्फ एक भोजन नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल का माध्यम है। मकर संक्रांति के मौके पर 85 वर्ष बृद्ध श्री वैजनाथ प्रसाद जी नें युवाओं को एकत्रित कर सर्वप्रथम भगवान सूर्य का पूजन कियें उसके बाद दही-चूड़ा भोज का आयोजन कियें जहां लोग ऊंच-नीच का भेदभाव भूलकर एक साथ बैठते दिखें। सभी साथियों नें देव मुख्य बाजार में एक स्टाल लगाकर जरुरतमंदों को एक पैकेट में कर चूड़ा तिलकुट गुड़ दिया गया और बढ़ती ठण्ड से राहत पाने के लिए कम्बल का वितरण भी किया गया l बृद्ध अवस्था में भी बैजनाथ प्रसाद जी के द्वारा इस तरह का नेक कार्य सबके लिए प्रेरणा स्रोत बना और युवाओं में संजय , संतोष, राकेश और नन्दलाल कुमार जी नें भी इस कार्य में अहम् योगदान दियें l समाजसेवीयों नें कहा की सौर तीर्थ नगरी देव में मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक चेतना और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है l इसी दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है l




