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गीत ” वेदों का आदेश यही “

गीत ” वेदों का आदेश यही ”
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अपने गांँवों की गलियों में,मत अंगार बिछाओ रे।
धधक न जाए भाईचारा, कोई इसे बुझाओ रे।।
मिलकर अपने सारे सपने,हमको पूरे करने हैं।
बीच दिलों के खाई गढ्ढे, वे सब समतल करने हैं।
गाँव शहर को केसर जैसी, खुशबू से महकाओ रे..
अपने गांँवों की गलियों में, मत अंगार बिछाओ रे।।
हरियाली का स्वागत कर लें, पतझड़ का संदेश यही।
हो वसुधैव कुटुंब भावना, वेदों का आदेश यही।।
जल थल नभ में अमर तिरंगा,निर्भय हो लहराओ रे..
अपने गाँवों की गलियों में,मत अंगार बिछाओ रे।।
आपस में लड़-लड़ कर अपना,लहू बहाना ठीक नहीं।
उजड़ कभी सिंदूर मांग का भी तो जाना ठीक नहीं।।
कोई माँ की गोद न सूनी,
हो यह पथ अपनाओ रे.. ।
अंजना सिन्हा “सखी ”
रायगढ़, छत्तीसगढ़



