बिहार में 18वीं विधानसभा का पहला सत्र एक दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस बार विधानसभा में कई बड़े बदलाव किये गये हैं। घर पर पूरी तरह से पेपरलेस हो गया है। अब विश्लेषक का प्रश्न पूछना, उत्तर प्राप्त करना, भाषण देना और अन्य सभी काम डिजिटल पासपोर्ट में टैबलेट के माध्यम से होंगे। विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों को भी दी गई हैं गोलियां। असेंबली प्रेसिडेंट टैबलेट की मदद से सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी। विधानसभा में कुल 243 विधायक अपनी सीट पर टैबलेट का प्रयोग करेंगे। उनका भाषण और प्रश्न पहले ऐप पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें जरूरतमंदों के घरों में उपयोग किया जाएगा। इस तरह का पूरा सदन हाईटेक और आधुनिक बन गया है। बिहार विधानसभा में पहली बार हो रहा है। इसके लिए साड़ी की तैयारी पूरी हो चुकी है।
एक से पांच दिसंबर तक अगला सत्र
बिहार चुनाव के बाद बुलाए गए सत्र के पहले दिन यानी एक दिसंबर को शपथ ग्रहण का आयोजन होगा। वहीं दो दिसंबर को विधानसभा के लिए राष्ट्रपति पद का चुनाव होगा। राष्ट्रपति पद की रेस में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे हैं। हालाँकि, जनता दल युनाईटेड इस बार अपने नजदीकी क्षेत्र का अध्यक्ष पद बनाए रखना चाहता है। इस पर मंथ चल रहा है। अगले 24 घंटे के अंदर राष्ट्रपति पद की तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाएगी। तीन दिसंबर को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। चार दिसंबर को सरकार का फ्लोर टेस्ट और पांच दिसंबर को विनियोग का पेश किया जाएगा।
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800 युवा बस्ती
वहीं विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। इस बार सत्र के दौरान 800 युवा कलाकार शामिल होंगे। एक दिन पहले ही पटना के स्टूडेंट और स्कॉलर ने प्लांट सार्जेंट थिएटर का दौरा किया। अस्थैतिक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सुरक्षा में मजिस्ट्रेट और सामुहिक पुलिस बल असिस्टेड हैं। पुलिस ने विशेष रूप से ट्रैफिक व्यवस्था, सेंटर की सुरक्षा और फाइल पर ध्यान केंद्रित किया है।