सोशल मीडिया पर लगातार चल रहे जागरूकता अभियानों के शेष मामलों में कमी नहीं आ रही है। आए दिन लोग ऑफ़लाइन और वनप्लस फ़्रांसीसी का शिकार हो रहे हैं। ताजा मामला बिहार के छपरा जिले से सामने आया है, जहां एक विदेशी छात्र के नाम पर पांच लाख से ज्यादा की हिस्सेदारी हुई है।
यह घटना छपरा जिले के परसा थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव की है। यहां के दीपक कुमार से 5 लाख 12 हजार 500 रुपए लेकर फ़ायर मिर्ज़ा और टिकट डिलिवरी का आरोप कर्ण कुदरिया गांव के निवासी अजय तिवारी के बेटे बोरिस तिवारी पर लगा है। पीड़ित ने परसा थाने में इसका रिकॉर्ड दर्ज कराया है।
के अनुसार, मैसाचुसेट्स ने फरवरी 2025 में दीपक को फ़ायर मास्टर और टिकटें ठाकर मुंबई भेजा। मुंबई हवाईअड्डे पर हवाईअड्डे के कर्मचारियों ने टिकटें बंद कर दी गईं दीपक को वापस आने की सलाह दी। जब दीपक के कारण सुपरमार्केट के पास समुद्र तट पर पहुंचा, तो उसने उसे फिर से उद्यम का वादा करने का आश्वासन दिया।
पीड़ित दीपक कुमार ने बताया कि वह विदेश में रहकर अच्छी कमाई कर रहे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ बाहर निकलने की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन मासूम ने अपनी मेहनत से पूरी कमाई की और मानसिक रूप से भी खेती की। अप्रैल में भी ओरिजिनल ने फेक डिकेड डिक को फिर से विदेश ले जाने की कोशिश की, लेकिन 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने फोन कर दीपक को वापस आने को कहा। कॉन्स्टेंट धोखे के बाद जब दीपक ने अपनी राशि वापस ली, तो मैसाचुसेट्स ने उसे धमाका करना शुरू कर दिया।
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मामले की तह तक जाते हुए परसा पुलिस ने मशरक थाना पुलिस के सहयोग से मयंक तिवारी के घर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे बौद्ध धर्म के जेल में भेज दिया गया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता चल रहा है कि होम मेड ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगा तो नहीं।
सारण पुलिस ने जनता से अपील की है कि विदेश विभाग या किसी अन्य प्रकार की प्रक्रिया के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न भेजें। किसी भी अंतिम अंतिम सूचना की सूचना तुरंत पुलिस को कार्रवाई में सहयोग करें।