दिल्ली में एक किशोर की संदिग्ध मौत की खबर ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। सारण जिले के दरियापुर खंड के अंतर्गत आने वाले परशुरामपुर गांव के निवासी 20 वर्ष के रणधीर कुमार मठ के संस्थापक दिल्ली में हुए थे। मंगलवार को उसके टूटे-फूटे हालात में मौत की सूचना जैसे ही गांव तक का विस्फोट, घर में धमाका हुआ। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव मातमी सन्नाटे में डूब गया है।
रणधीर परिवार के आर्थिक अर्थशास्त्री के अनुसार। पति किसी तरह घर की स्थिति संभाल रहा था। अचानक हुई मौत से उसके परिवार को अशानीय पीड़ा में डाल दिया गया। जब शव पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं और हंगामा-पुकार से भर उठा लिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सारणी से मठवासियों का पलायन जारी है और वे बाहर से राज्यों में आ रहे हैं, आदिवासियों की मौत की खबरें मिल रही हैं, जिससे चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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घटना की सूचना बैठक में पूर्व जिला परिषद के सदस्य राजनाथ राय के मृतकों के घर और अवशेषों को देखकर दी गई। उन्होंने बताया कि यह परिवार पहले भी बड़े कारखाने से गुजर चुका है। दो साल पूर्व रणधीर के बड़े भाई, जो पश्चिम बंगाल के राज्य के प्रतिष्ठित खिलाड़ी थे, की अचानक मौत हो गई। उस हादसे ने परिवार की खुशियाँ छीन लीं। अब छोटे बेटे की मौत से माता-पिता की उम्मीदों की अंतिम किरण भी हो गई है। राजनाथ राय ने सरकार से मांग की है कि इस परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और हर संभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके।