औरंगाबाद में कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्बारा आयोजित महोत्सव के आय -ब्यय का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग

औरंगाबाद, विहार के रोहतास, कैमूर, भोजपुर, वैशाली एवं नालान्दा जिला के तर्ज पर औरंगाबाद जिला का नाम देव करने हेतु क्रमबद्ध आंदोलन करने का निर्णय।
उक्त निर्णय जनेश्वर विकास केंद्र एवं महोत्सव परिवार की आज हुई बैठक में लिया गया। बैठक अध्यक्ष रामजी सिंह की अध्यक्षता में अधिवक्ता संघ सभागार औरंगाबाद में संपन्न हुई। जनेश्वर विकास केंद्र के सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने बताया कि महोत्सव आयोजन का उद्देश्य जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को हाईलाइट करना , स्थानीय कलाकारों , खिलीड़ियो और छात्र -छात्राओं को मंच उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा निखारना तथा जिले के महापुरुषों, उत्पाद अच्छाईयों को देश दुनिया में फेलाना था। परन्तु कला-संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित महोत्सव में न तो संगोष्ठी न तो स्मारिका का प्रकाशन और नहीं जिले के प्रतिभावान को मंच से सम्मानित किया जाता है । महोत्सव सिर्फ़ महंगा मनोरंजन तक सिमट कर रह गया है । इसमें भी स्थानीय कलाकारों को नाममात्र का भुगतान किया जाता है जबकि यहां भी देश प्रदेश स्तर के कलाकार मौजूद हैं । उक्त पर गहन चर्चा के बाद सर्वसम्मति से उक्त सभी महोत्सव की आय- स्तर मद वाइज सार्वजनिक करने की मांग की गयी । दुसरे प्रस्ताव में बताया गया कि विहार में आधे से अधिक जिलों का नाम ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के नाम पर रखा गया है परन्तु जिले की पहचान और एशिया का प्रसिद्ध स्थल देव का अनदेखी किया गया है । रोहतास, कैमूर, भोजपुर, वैशाली , नालान्दा आदि के तर्ज पर औरंगाबाद जिले का नाम भी देव होना चाहिए था । तात्कालिक नेताओं और जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण ऐसा नहीं हो पाया । लेकिन 1992 से जन आंदोलन किया जा रहा है पर सफलता नहीं मिला है । अतः सर्वसम्मति से जिला का नाम देव करने हेतु तीव्र आंदोलन हेतु क्रमबद्ध कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया । बैठक में उपस्थित कलाकारों ने महोत्सव बजट का आधा स्थानीय कलाकारों पर खर्च करने तथा महोत्सव के पूर्व के समितियों को तरजीह देने की मांग की । कला कौशल मंच के संयोजक आदित्य श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्त की गयी। बैठक में डांस सुरेन्द्र प्रसाद मिश्रा,डां रवीन्द्र कुमार ,संजय सिंह,कवि लवकुश प्रसाद सिंह, लालदेव प्रसाद, इंजिनियर धीरेन्द्र सिंह,वीरेंद्र कुमार सिंह,रामसेवक प्रसाद उच्च, वीरेंद्र प्रसाद, मुकेश चौबे, धर्मेन्द्र यादव, प्रमोद कुमार सिंह,उदय राम सिहेंश कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, ललन सिंह , हेरम्ब मिश्रा, श्रीराम राय , आदित्य श्रीवास्तव आदि मौजूद थे ।




