{“_id”:”69254c503dcf0e7d9603a929″,”स्लग”:”यूरेनियम-स्तन-दूध-में-पाया जाता है-यूरेनियम-पहुँचता-माँ-एस-दूध-री रिसर्च में सामने आया कैंसर का कैंसर-2025-11-25″,”type”:”video”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Uranium स्तन के दूध में पाया जाता है: मां के दूध तक पहुंच यूरेनियम, कैंसर का भी खतरा..शोध में खुलासा!
पटना के महावीर कैंसर संस्थान ने मां के दूध में यूरेनियम की मात्रा होने की बात बताई है। महावीर कैंसर संस्थान के शोध विभाग ने यह मामला उजागर किया है। महावीर कैंसर संस्थान के अनुसंधान विभाग के प्रभारी डॉ. अशोकन घोष ने बताया कि ग्राउंडवॉटर यूरेनियम कंटामिन भारत में एक बड़ी चिंता का विषय है, जो बिहार समेत 18 राज्यों के 151 राज्यों को प्रभावित करता है। बिहार के कई अध्ययनों में ग्राउंडवॉटर में यूरेनियम की जांच की रिपोर्ट मिली है। बिहार में स्तन के दूध में यूरेनियम का अध्ययन चिंता बढ़ाने वाला है। दूध जिस को बच्चों के लिए जीवन का पहला और सबसे सुरक्षित आहार माना जाता है, वहीं अब खतरे का स्रोत बनता दिख रहा है। अगर उसी में जहर उगलने लगे तो यह केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं है, बल्कि समाज की आत्मा को हिला देने वाली त्रासदी बन गई है। यह खोज मां और बच्चे दोनों की सेहत पर गंभीर सवाल उठाती है। प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय जर्नल नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन नेडेटा समाचार प्रकाशित किया है। बिहार राज्य के गोपालगंज, सारण, सिवान, पूर्वी चंपारण, पटना, उदित, बिरयानी, सुपौल, झारखण्ड जैसे 11 पादरियों में यूरेनियम पॉइज़निंग की रिपोर्ट मिली है। प्रतिष्ठित इंटरनेशनल साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि बिहार के छह उत्पाद भोजपुर, ग्रीष्म, डेयरी, खगड़िया, पेंडुलम और अनाज में दलिया वाली हर महिला के दूध में यूरेनियम (यू-238) पाया गया। यह सिर्फ वैज्ञानिक चरित्र नहीं है, बल्कि उस असली रहस्य की गूंज है कि अब सीधे मां के दूध के माध्यम से शरीर में प्रवेश किया जा रहा है। यह अध्ययन पटना के महावीर कैंसर संस्थान के डॉ अरुण कुमार और प्रोफेसर अशोक घोष की अवाज में, नई दिल्ली एम्स के डॉ अशोक शर्मा के सहयोग से अक्टूबर 2021 से जुलाई 2024 के बीच किया गया।