ग़रीब जिले में एक तूफ़ानी घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। शहर के प्रसिद्ध गैला एसोसिएट लाल सलामपुरिया के 54 वर्षीय पुत्र अनिल कुमार की रविवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। बेटे की मौत की खबर ही उनकी मां विमला देवी (78 वर्ष) ने भी स्टूडियो में दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में कुछ घंटों के अंदर मां-बेटे की मौत पूरे इलाके में मातम पसरा में हुई है।
जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह अनिल कुमार के सीने में तेज दर्द हुआ। समूह अस्पताल उन्हें ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तभी उन्होंने घर पर ही दम तोड़ दिया। अवशेषों ने उनका अंतिम संस्कार शहर के सिकंदरपुर मुक्तिधाम में किया।
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बताया जाता है कि जब शोकाकुल परिवार अंतिम संस्कार के बाद घर लौटा, तो मां विमला देवी ने अपने बेटे की मौत का सदमा नहीं मनाया और वे भी वहीं अंतिम सांस लीं। एक साथ दो-दो राक्षसों ने पूरी फैमिली को प्रोजेक्ट रखा है। घटना की जानकारी विभिन्न समूहों में शामिल लोगों की भीड़ से मिलती है। आस-पास के लोग और व्यापारी समाज के सदस्य परिवार को सूर्योदय तक ले जाएं।
परिवार के मुखिया अमीर लाल सलामपुरिया ने कहा कि हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा आज हमें मिला है। एक ही दिन में बेटे और पत्नी दोनों को खो देने वाले शब्दों से परे दुख है। अंडीगोला इलाके में गाम का राक्षस है। स्थानीय लोग इस द्वीपीय क्षति को ईश्वर की इच्छा बताए गए परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। मोहाल पूरा शोकाकुल है और हर किसी के नाम है।