मैसूर की डॉ. बी. निर्मला राजी मॉरीशस में ‘विश्व हिन्दी सेतु सम्मान’ से होंगी सम्मानित

मैसूर, कर्नाटक: डॉ. बी. निर्मला राजी को मॉरीशस में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर ‘सरस्वती अतिथि’ के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्हें प्रतिष्ठित ‘विश्व हिंदी सेतु सम्मान’ से नवाज़ा जाएगा। डॉ. बी. निर्मला स्वर्गीय श्री जी एम बट्टीमल्लप्पा, IAAS और श्रीमती मल्लम्मा की ज्येष्ठ पुत्री,एसोसिएट प्रोफेसर,हिंदी विभागाध्यक्ष (सेवानिवृत्त),कवयित्री, लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी, क्रिकेटर,8 से 14 जनवरी, 2026 तक मॉरीशस में विश्व हिंदी दिवस पर त्रि- दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं कवि सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वे सेमिनार में ‘सोशल मीडिया और हिंदी’ विषय पर अपना प्रपत्र प्रस्तुत करेंगी और कवि सम्मेलन में अपनी कविताएँ प्रस्तुत करेंगी, जिसका आयोजन हिंदी प्रचारिणी सभा,मॉरीशस, शिक्षा और मानव संसाधन मंत्रालय, मॉरीशस और भारतीय उच्चायोग द्वारा किया जा रहा है। उन्हें विश्व हिंदी दिवस पर हिंदी प्रचारिणी सभा मॉरीशस से विश्व हिंदी सेतु सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। डॉ. बी. निर्मला ने थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम और दुबई में भी अपने प्रपत्र व कविताओं हेतु बहुत प्रशंसा प्राप्त की है। पिछले चार वर्षों में एक रिकॉर्ड प्रतिभागी (लेखिका) के रूप में उन्हें हिंदी साहित्य में छह विश्व रिकॉर्ड और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वे मैसूर में मेडल और अवार्ड निर्मला के नाम से जानी जाती हैं। उन्होंने शिक्षा,एन एस एस, साहित्य,खेल, समाज-सेवा, पर्यावरण,स्वास्थ्य, लायंस इंटरनेशनल आदि में अपनी बहुमूल्य सेवाएँ दी हैं और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 1000 से अधिक पुरस्कार,140 पदक और 2000 से अधिक प्रशंसा पत्र प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य, क्रीड़ा और लायंस इंटरनेशनल में अपना अमूल्य योगदान देकर, मैसूर शहर और कर्नाटक राज्य के साथ,भारत देश को गौरवान्वित किया है। उनके परिवार के सदस्य और शुभचिंतक उन्हें भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ देते हुए मॉरीशस की यात्रा के लिए मंगलकामनाएँ देते हैं। डॉ. बी निर्मला, साहित्य संचय शोध संस्था के संस्थापक श्री मनोज कुमार एवं सदस्यगण,भारत के प्रति अपना आभार प्रकट करती हैं जिन्होंने यह अवसर प्रदान किया है।


