“आपका मतदान वह बीज है, जिससे भविष्य के सुनहरे लोकतंत्र का वृक्ष तैयार होता है” – डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी

भारतवर्ष एक लोकतांत्रिक देश है और यहां पर जनता द्वारा किया गया निर्णय ही सर्वोच्च एवं महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लोकतांत्रिक देश में मतदान की अहम भूमिका होती है | लोकतांत्रिक देश के नागरिकों के लिए मतदान करना एक नागरिक अधिकार और कर्तव्य है| वस्तुतः यह आम जनता के विचारों एवं आशाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। मतदान किसी विषय या किसी व्यक्ति विशेष के चयन में देश के लोगों की राय जानने और उसके आधार पर निर्णय लेने की एक प्रक्रिया है |
चुनाव में मतदान के द्वारा देश में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया संपन्न होती है l मतदान के द्वारा ही जनता अपनी मनोवांछित सरकार को चुनती है। मतदान एक लोकतांत्रिक देश में सत्ता परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है | किसी भी देश में लोकतंत्र की स्थापना मतदान के बिना नहीं हो सकता । जहां लोकतंत्र है वहां मतदान अवश्य होगा, मतदान लोगों को एक अधिकार देता है कि वह अपना प्रतिनिधि चुने या किसी विषय पर अपनी पसंद की राय व्यक्त करें | लोकतांत्रिक देश में सभी के मतों को एक समान महत्व दिया जाता है, चाहे वह निर्धन हो या धनवान ; मूर्ख हो या विद्वान |
“हम सभी को मिलकर इस मतदान रूपी बीज को बोना है जिससे भविष्य के सुनहरे लोकतंत्र का वृक्ष तैयार हो सके |” अतः “जब तक होगा नहीं मतदान, तब तक पूरा नहीं होगा राष्ट्र निर्माण”। इसलिए हम सभी को मतदान अवश्य करना चाहिए | “सच्चे नागरिक की है पहचान, समय पर करें जो मतदान”।
इन्हीं सब उद्देशों को ध्यान में रखकर ‘इंडिया वन फाउंडेशन’ और ‘पुलिस पब्लिक प्रेस’ (दिल्ली) द्वारा एक जन जागरूकता सम्मेलन का आयोजन कोलकाता के ‘भारतीय भाषा परिषद’ में 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा l
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डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी
(अतिथि प्राध्यापिका)
हिंदी विश्वविद्यालय
हावड़ा, पश्चिम बंगाल




